Bhojpur road accident : भोजपुर जिले के सिकरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बिहिया–बिहटा स्टेट हाईवे पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे ने खुशहाल परिवार की खुशियां छीन लीं। सिकरौल पेट्रोल पंप के समीप हुए इस दर्दनाक हादसे में एक सरकारी शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी मां—जो पंचायत की सरपंच हैं—समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया।
मृतका की पहचान अजीमाबाद थाना क्षेत्र के अजीमाबाद गांव निवासी सैदुल्लाह उर्फ जावेद अली की 35 वर्षीय पत्नी **रौशन जहां** के रूप में हुई है। वह सरकारी शिक्षिका थीं और वर्तमान में पटना जिले के दानापुर प्रखंड अंतर्गत सिकंदरपुर गांव स्थित विद्यालय में पदस्थापित थीं। रौशन जहां अपने कर्तव्यनिष्ठ व्यवहार और मिलनसार स्वभाव के लिए जानी जाती थीं। उनके आकस्मिक निधन से परिवार ही नहीं, बल्कि शिक्षण जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
हादसे में जख्मी लोगों में मृतका की मां नसीमा खातून जो सिकरहटा खुर्द पंचायत की सरपंच हैं, के अलावा तीन अन्य लोग शामिल हैं। सरपंच नसीमा खातून की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज आरा सदर अस्पताल में चल रहा है। वहीं, अन्य तीन घायलों को पीरो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शिक्षिका रौशन जहां अपनी मां के साथ अपने जुड़वा बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने के लिए ऑटो से पीरो अस्पताल जा रही थीं। उसी ऑटो में तीन अन्य लोग भी सवार थे। जैसे ही ऑटो सिकरौल पेट्रोल पंप के समीप पहुंचा, तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक पिकअप वाहन के पीछे बंधा मिक्सर मशीन अचानक खुल गया और सीधे ऑटो से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलते ही सिकरहटा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया है।
घटना के बाद पिकअप वाहन चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि पिकअप वाहन की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और ओवरलोडिंग की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि वाहन के पीछे भारी मशीन को सही तरीके से बांधा गया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
इस दर्दनाक हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहिया–बिहटा स्टेट हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका नतीजा इस तरह के हादसों के रूप में सामने आ रहा है।
मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में मातम पसरा हुआ है और गांव में शोक की लहर है। रौशन जहां अपने पीछे पति, जुड़वा बच्चे और पूरे परिवार को असहनीय पीड़ा में छोड़ गई हैं। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने प्रशासन से दोषी वाहन चालक की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। हादसे ने न केवल एक शिक्षिका की जान ली, बल्कि सड़क पर लापरवाही और नियमों की अनदेखी की भयावह तस्वीर भी सामने रख दी है।






