Bihar News: बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार, कोसी और सीमांचल के इलाकों में बारिश का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव के बीच मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को सीतामढ़ी और मधुबनी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन दोनों जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं, बिहार के दूसरे जिलों में भी मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
गुरुवार सुबह से ही पटना सहित कई इलाकों में आसमान बादलों से ढका रहा। कहीं रुक-रुककर बारिश हुई तो कहीं तेज हवा के साथ बूंदाबांदी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला है। पटना में अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। इसके कारण लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन लगातार बारिश और तेज हवा ने जनजीवन को प्रभावित करने की आशंका बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शुक्रवार को उत्तर बिहार के कुछ जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। सीतामढ़ी और मधुबनी में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण और दरभंगा समेत कुछ जिलों में भी मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में तेज हवा के साथ भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, पटना, गया, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और बेगूसराय समेत कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।
चक्रवात अर्नब का असर बिहार में पहुंचने से पहले ही मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत मिलने लगे थे। अब इससे जुड़ी मौसमी परिस्थितियों और नमी वाली हवाओं के कारण राज्य के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 31 अक्टूबर तक कई इलाकों में बारिश, आंधी और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है।
बदलते मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। इस समय कई इलाकों में धान की फसल कटाई के लिए तैयार है। ऐसे में लगातार बारिश और तेज हवा से खेतों में खड़ी फसल गिरने के साथ कटी हुई उपज को नुकसान पहुंचने का खतरा है। किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई फसल और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखना भी जरूरी है। खराब मौसम के दौरान कृषि कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें। तेज बारिश के दौरान जलजमाव वाले रास्तों से गुजरने में सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
फिलहाल बिहार में मौसम का बदला हुआ मिजाज लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ कई तरह की चुनौतियां भी पैदा कर रहा है। खासकर उत्तर बिहार के सीतामढ़ी और मधुबनी में रेड अलर्ट को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। आने वाले घंटों में बारिश और तेज हवा की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।





