Bihar Assembly : 18वीं बिहार विधानसभा के पहले सत्र का आज तीसरा दिन है और राजनीतिक गतिविधियों के बीच सदन की कार्यवाही काफी महत्वपूर्ण होने वाली है। नए जनादेश के बाद बुलाए गए इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से रणनीति तैयार की गई है। मंगलवार सुबह से ही विधानसभा परिसर में हलचल तेज हो गई। विधायकों के आने-जाने का दौर शुरू हुआ और मीडिया की नजरें पूरे घटनाक्रम पर टिकी रहीं।
सीएम नीतीश कुमार समय से पहले सदन पहुंचे
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तीसरे दिन की कार्यवाही के लिए तय समय से पहले ही विधानसभा भवन पहुंच गए। उनके पहुंचने के बाद एनडीए के अन्य विधायक और मंत्री भी सदन में जुटने लगे। यह पहला मौका है जब सरकार के गठन के तुरंत बाद विधानसभा सत्र में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होनी है। सीएम नीतीश का समय से पहले पहुंचना खुद संकेत देता है कि आज का दिन सरकार के लिए अहम है।
11 बजे से शुरू हुई कार्यवाही
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होनी निर्धारित थी और अध्यक्ष की अनुमति के बाद औपचारिक कार्यवाही आरंभ हुई। पहले दो दिनों की कार्यवाही में जहां शपथ ग्रहण और नए विधायकों की उपस्थिति रही, वहीं तीसरे दिन विधायी कामकाज और राजनीतिक बयानबाज़ी दोनों की संभावना है। विपक्ष आज कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सत्तापक्ष अपनी प्राथमिकताएं रखने के मूड में दिखाई दे रहा है।
11:30 बजे राज्यपाल का अभिभाषण
आज के दिन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 11:30 बजे होने वाला राज्यपाल का अभिभाषण है। यह अभिभाषण सरकार की नीतियों, योजनाओं और अगले पांच वर्षों के रोडमैप का आधिकारिक दस्तावेज माना जाता है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान सदन की संयुक्त बैठक (विधानसभा और विधान परिषद) को संबोधित करेंगे।
राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की प्राथमिकता वाले कई मुद्दे शामिल रहने की उम्मीद है, जिनमें—
नई औद्योगिक नीतियां
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के प्रयास
कृषि क्षेत्र में विकास और किसानों की आय बढ़ाने की योजनाएं
सरकार बदलने के बाद यह पहला बड़ा अवसर है जब सरकार अपने एजेंडे को पूरे सदन के सामने रखेगी। राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की दिशा और मंशा का आधिकारिक संकेत माना जाता है, इसलिए आज की कार्यवाही पर सभी की नजरें हैं।






