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Bihar Vanshavali: वंशावली को लेकर नीतीश सरकार का नया नियम, आम लोगों को बड़ी राहत

Bihar Vanshavali: बिहार सरकार ने वंशावली शपथ पत्र के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब नोटरी पब्लिक द्वारा सत्यापित हलफनामा भी होगा मान्य। जानें जाति, पेंशन योजनाओं के लिए नई प्रक्रिया।

Bihar Vanshavali
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar Vanshavali: बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने वंशावली शपथ पत्र से संबंधित प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अब नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब नोटरी पब्लिक या कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र को वंशावली के लिए वैध माना जाएगा। पहले पंचायत सचिव इस प्रक्रिया में देरी करते थे और केवल कार्यपालक दंडाधिकारी या एसडीओ द्वारा जारी शपथ पत्र की मांग करते थे, जिससे आम लोगों को जाति, आवास, आय, वृद्धावस्था पेंशन, और विधवा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी होती थी। इस नए नियम से इन योजनाओं तक पहुंच आसान होगी।


पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि वंशावली से संबंधित शपथ पत्र एक स्वैच्छिक तथ्यात्मक घोषणा है, जिसे नोटरी पब्लिक या ओथ कमिश्नर जैसे विधि द्वारा अधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। पहले कई पंचायतों में आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यपालक दंडाधिकारी का प्रमाण पत्र लाने के लिए कहा जाता था, जिससे प्रक्रिया जटिल हो जाती थी। अब नोटरी पब्लिक द्वारा सत्यापित शपथ पत्र को भी मान्य कर लिया जाएगा, जिससे वंशावली बनवाने में समय और परेशानी कम होगी।


पकड़ीदयाल के एसडीओ अविनाश कुमार ने बताया कि विभागीय निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई आवेदक नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र जमा करता है, तो पंचायत सचिव या अन्य अधिकारी इसे खारिज नहीं कर सकते हैं। यह नियम लागू होने से जाति प्रमाण पत्र, आवास योजना, और पेंशन योजनाओं के लिए वंशावली बनवाना आसान होगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने में परेशानी झेलते थे, यह बदलाव एक बड़ी राहत लेकर आया है।


यह नया दिशा-निर्देश बिहार के लाखों लोगों के लिए लाभकारी साबित होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए वंशावली की जरूरत महसूस करते हैं। नोटरी सत्यापित शपथ पत्र की मान्यता से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी कम होगी। पंचायती राज विभाग का यह कदम नीतीश सरकार की जन-केंद्रित नीतियों को दर्शाता है, जो प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर आम लोगों की मदद करने पर केंद्रित है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेज पूरे रखें और नजदीकी नोटरी पब्लिक या पंचायत कार्यालय से संपर्क करें।