Vaibhav Suryavanshi : बिहार के क्रिकेट सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी को आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 14 साल की उम्र में कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके वैभव का चयन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मान पत्र, मेडल और 1 लाख रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके बाद वैभव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
वैभव बुधवार को ही दिल्ली रवाना हो चुके थे। इस वजह से वह विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की टीम के लिए मणिपुर के खिलाफ होने वाले मैच में हिस्सा नहीं लेंगे। 14 साल के वैभव ने प्लेट ग्रुप मैच में पहले दिन अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ केवल 36 गेंदों में शतक लगाया था। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे युवा शतक लगाने वाले खिलाड़ी का खिताब अपने नाम कर लिया। उन्होंने पाकिस्तान के जहूर इलाही का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए 84 गेंदों पर 190 रन बनाए।
बिहार टीम के उप-कप्तान वैभव ने इस पारी में 16 चौके और 15 छक्के जड़े। उन्होंने 12वें ओवर की पहली गेंद पर अपना शतक पूरा किया। इसके अलावा, वैभव ने सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया, जिसमें उन्होंने एबी डिविलियर्स और जोस बटलर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की शुरुआत 1996 में केंद्र सरकार की ओर से की गई थी। यह पुरस्कार 5 से 18 वर्ष तक के बच्चों को दिया जाता है जो भारत के नागरिक हों और देश में ही रहते हों। इस साल कुल 20 बच्चों को यह सम्मान मिलेगा। पुरस्कार विजेताओं को मेडल, सर्टिफिकेट और 1 लाख रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
वैभव की उपलब्धियां न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने अपनी खेल प्रतिभा और मेहनत के बल पर इतिहास रचा है। उनका यह रिकॉर्ड युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है, जो यह दिखाता है कि उम्र कभी भी सपनों को रोकने वाली बाधा नहीं बन सकती। आज का दिन वैभव के लिए और भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार साबित होगा, क्योंकि एक छोटे शहर का 14 साल का खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है।
इस समारोह में सम्मानित होने के बाद वैभव का क्रिकेट करियर नई ऊँचाइयों को छूने की संभावना रखता है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि मेहनत, लगन और जुनून के साथ कोई भी युवा अपने क्षेत्र में विश्व स्तर तक पहुँच सकता है। वैभव सूर्यवंशी अब भारत के युवा क्रिकेटर्स के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं।






