Bihar urban development : बिहार में शहरी विकास को गति देने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने बड़े कदम उठाने का फैसला किया है। विभाग ने यह घोषणा की है कि राज्य के शहरी निकायों में सुनियोजित विकास से जुड़ी सभी सेवाएं 1 जुलाई से ऑनलाइन कर दी जाएंगी। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। साथ ही भवन नियमावली को भी संशोधित कर अधिक व्यावहारिक और नागरिक-मित्र बनाया जाएगा। नियमावली में बदलाव के बाद नियम उल्लंघन पर जेल भेजने या भारी जुर्माने की बजाय सिविल दंड जैसे विकल्प लागू किए जाएंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों की सुविधाओं को बढ़ाना और शहरों के विकास को सरल बनाना है।
नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने यह जानकारी रविवार को तारामंडल सभागार में शहरों के सुनियोजित विकास पर आयोजित कार्यशाला में दी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा और विकास की प्रक्रिया तेज होगी। उन्होंने बताया कि इस दिशा में नीति बनाई जा रही है ताकि नियमों में आवश्यक छूट दी जा सके और नए इलाके विकसित किए जा सकें। वर्तमान में राज्य में शहरीकरण की दर 15.6 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।
कार्यशाला में बिल्डर एसोसिएशन, आर्किटेक्ट एसोसिएशन, उद्यमी और विभिन्न निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री एवं नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किया। इस अवसर पर प्रधान सचिव ने बताया कि बिहार टाउन प्लानिंग नीति 2025 को लागू किया जा चुका है और सुनियोजित विकास के लिए और कई नीतियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में लागू नियमावली का अध्ययन किया जा रहा है ताकि बिहार की नियमावली को और अधिक व्यावहारिक बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिए जोनल डेवलपमेंट प्लान लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही सरकार से अनुमति लेने की सारी प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों और उद्योगपतियों को लंबी और जटिल प्रक्रियाओं से मुक्त कराना है। अधिकारी यह भी आश्वस्त कर रहे हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी, लेकिन वह कार्रवाई अब ज्यादा सख्त नहीं बल्कि व्यावहारिक होगी, ताकि लोग डर-डरकर काम न करें और विकास के काम में तेजी आए।
विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि नक्शा, एनओसी और अन्य संबंधित सेवाओं की प्रक्रिया अगले छह माह में ऑनलाइन हो जाएगी। नगर विकास विभाग का लक्ष्य 1 जुलाई से इसे लागू करना है। इसके लिए संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे और फिर नियमावली में संशोधन कर उसे लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे शहरों के नियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा और निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
कार्यशाला में पटना मेयर सीता साहू, विभाग सचिव संदीप कुमार पुडकलकट्टी, बुडको एमडी अनिमेष पराशर, राजीव श्रीवास्तव सहित कई अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस पहल से राज्य में शहरी विकास की दिशा में एक नई शुरुआत होने की उम्मीद जताई जा रही है।






