ब्रेकिंग
बिहार में अपराधियों का तांडव: देर रात घर पर बम से ताबड़तोड़ हमला, बमबाजी से इलाके में दहशतझाड़ी से किन्नर का शव मिलने से सनसनी, हत्या कर डेडबॉडी फेंकने की आशंकाबिहार टेंडर घोटाला: रिशु श्री की जमानत पर फैसला सुरक्षित, IAS संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर कल होगी सुनवाईसम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: पटना से बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, आरा और गया तक रैपिड रेल, AIIMS का भी होगा विस्तारBIHAR: स्पा सेंटर पर स्पेशल क्राइम ब्रांच की रेड, सेक्स रैकेट का खुलासा!, पकड़े गये 4 युवती और 2 युवक बिहार में अपराधियों का तांडव: देर रात घर पर बम से ताबड़तोड़ हमला, बमबाजी से इलाके में दहशतझाड़ी से किन्नर का शव मिलने से सनसनी, हत्या कर डेडबॉडी फेंकने की आशंकाबिहार टेंडर घोटाला: रिशु श्री की जमानत पर फैसला सुरक्षित, IAS संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर कल होगी सुनवाईसम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: पटना से बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, आरा और गया तक रैपिड रेल, AIIMS का भी होगा विस्तारBIHAR: स्पा सेंटर पर स्पेशल क्राइम ब्रांच की रेड, सेक्स रैकेट का खुलासा!, पकड़े गये 4 युवती और 2 युवक

Bihar News: बिहार में 9-17 साल के बच्चों के नाम पर एक करोड़ से अधिक सिम, कनेक्शन में पांच साल में 5 गुना वृद्धि; सर्वे में खुलासा

Bihar News: बिहार में किशोरों के नाम सिम कनेक्शन में तेजी से वृद्धि, 9-17 साल के बच्चों के नाम लगभग एक करोड़ सिम, ऑनलाइन पढ़ाई और गेमिंग बढ़ाने का कारण।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार में किशोरों के नाम सिम लेने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। दूरसंचार विभाग के हालिया आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में केवल 20,466 किशोरों के नाम सिम थे, जबकि अब सात करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं में से लगभग एक करोड़ सिम 9 से 17 साल के बच्चों के नाम हैं।


नौ से 17 साल तक के 72% किशोरों के पास स्मार्टफोन है। अधिकांश किशोरों के पास उनके नाम से ही सिम कनेक्शन हैं। दूरसंचार विभाग के ऑनलाइन सर्वे में यह भी सामने आया कि 26 लाख 5,436 लोग ऐसे हैं, जिनके पास पांच से ज्यादा सिम थे। इनमें से पांच में तीन सिम 9 से 17 साल के बच्चों के नाम हैं।


अभिभावकों ने बताया कि बच्चे मोबाइल गेम खेलने और शैक्षणिक कामों के लिए मोबाइल की मांग करते हैं। जबकि सिम बच्चों की पढ़ाई के लिए लिया जाता है, अधिकांश बच्चे इसे गेम और मनोरंजन के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। एआई आधारित गेमिंग के बढ़ते ट्रेंड ने इस संख्या में और इजाफा किया है।


कोरोना काल के दौरान स्कूल और कॉलेज ऑनलाइन हुए, जिससे बच्चों को मोबाइल, टैब और लैपटॉप की सुविधा दी गई। इसी दौरान लाखों सिम उनके नाम पर निकाले गए। वर्तमान में 9 से 17 साल के बच्चों के नाम लगभग एक करोड़ सिम कनेक्शन हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता