Bihar teacher viral video : आज के समय में जब लोग ऑफिस या काम के लिए सिर्फ 10-15 किलोमीटर के ट्रैफिक से ही परेशान हो जाते हैं, वहीं बिहार के एक शिक्षक की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और ‘गुरु-शिष्य’ परंपरा की मिसाल पेश कर रही है। यह शिक्षक रोजाना करीब 100 किलोमीटर का सफर तय करके अपने स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन उनका समर्पण और बच्चों के प्रति प्रेम ही उन्हें इतनी दूर तक आने के लिए प्रेरित करता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर madhavsingh005 नाम के यूजर द्वारा शेयर किए गए वीडियो ने इस शिक्षक की निस्वार्थ सेवा को उजागर किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि शिक्षक अपनी कार से स्कूल के गेट पर आते ही बच्चों द्वारा घेर लिए जाते हैं। बच्चे दौड़कर उनके पास आते हैं, हाथ जोड़कर उनका स्वागत करते हैं और इस दौरान शिक्षक की आंखों में भावनाओं का जिक्र भी दिखाई देता है। वीडियो में यह भी नजर आता है कि बच्चे उन्हें जन्मदिन की बधाइयां दे रहे हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वीडियो उस दिन उनके जन्मदिन के मौके पर शूट किया गया था।
वीडियो देखकर साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है कि शिक्षक की थकान उन बच्चों के प्यार और सम्मान के सामने कुछ भी नहीं है। शिक्षक ने भी अपने भावनात्मक अंदाज में बताया कि बच्चे उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। उनकी यह निस्वार्थ सेवा और समर्पण सोशल मीडिया यूजर्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
यूजर्स ने इस शिक्षक की मेहनत और बच्चों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की जमकर सराहना की है। एक यूजर ने लिखा: “आज के समय में ऐसे शिक्षक मिलना सौभाग्य की बात है जो सुविधाओं और आराम से ऊपर बच्चों के भविष्य और उनके प्रेम को महत्व देते हैं।” वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा: “ये सिर्फ सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि बच्चों की जिंदगी संवारने वाले असली फरिश्ते हैं।”
शिक्षक का यह समर्पण यह दिखाता है कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए एक बेहतर जीवन बनाने की भावना भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सरकारी नौकरी में होने के बावजूद, वह अपनी सुविधा और नज़दीकी स्थान पर ट्रांसफर लेने के बजाय उन बच्चों के पास आते हैं, जिनसे उन्हें सबसे अधिक स्नेह और प्यार मिलता है। उनके इस कदम ने यह साबित कर दिया है कि असली शिक्षा और शिक्षक वह होते हैं जो बच्चों के भविष्य के लिए अपने आराम और निजी जीवन को पीछे छोड़ देते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है। यूजर्स इस शिक्षक के समर्पण की तारीफ कर रहे हैं और बच्चों की मासूमियत की भी सराहना कर रहे हैं। यह कहानी यह भी याद दिलाती है कि असली शिक्षा केवल पाठ्यक्रम और किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि शिक्षक का प्यार और मार्गदर्शन बच्चों के जीवन में असली परिवर्तन लाने की ताकत रखता है।
बिहार के इस शिक्षक की निस्वार्थ सेवा का यह वीडियो हमें यह सिखाता है कि बच्चों के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी ही किसी भी शिक्षक की सबसे बड़ी प्रेरणा होती है। सोशल मीडिया पर इसे देख लोगों ने कहा है कि ऐसे शिक्षक समाज के लिए मिसाल हैं और उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा। इस तरह, यह शिक्षक रोजाना लंबा सफर तय करके बच्चों तक शिक्षा और प्यार पहुंचाते हैं और अपने समर्पण से समाज में शिक्षा के वास्तविक मूल्य को दिखा रहे हैं।






