ब्रेकिंग
कलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली Bihar Bhumi: बिहार में टोपोलैंड का भी होगा सर्वेक्षण, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बुलाई अहम बैठक; जिलों से मांगी रिपोर्टबिहार के एक 'थानेदार' को 3 सजा की सजा...25 हजार का जुर्माना, 6 हजार रू घूस लेते निगरानी ब्यूरो ने किया था गिरफ्तार पटना में एक और 'फ्लाईओवर'...पटना सिटी तक का सफर होगा आसान, बदलेगा राजधानी का ट्रैफिक सिस्टमकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली Bihar Bhumi: बिहार में टोपोलैंड का भी होगा सर्वेक्षण, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बुलाई अहम बैठक; जिलों से मांगी रिपोर्टबिहार के एक 'थानेदार' को 3 सजा की सजा...25 हजार का जुर्माना, 6 हजार रू घूस लेते निगरानी ब्यूरो ने किया था गिरफ्तार पटना में एक और 'फ्लाईओवर'...पटना सिटी तक का सफर होगा आसान, बदलेगा राजधानी का ट्रैफिक सिस्टम

Bihar Teacher News: खतरे में 158 शिक्षकों की नौकरी, इस कारण हो सकती है कार्रवाई

158 शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करने का मन बना लिया है। इन शिक्षकों की कभी भी नौकरी जा सकती है। 158 टीचरों की नौकरी पर अब संकट मंडराने लगा है।

BIHAR
खतरे में नौकरी
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

Bihar Teacher News: बिहार के 158 शिक्षकों की नौकरी कभी भी जा सकती है। इनकी नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। इन शिक्षकों ने बहाली के समय जो सर्टिफिकेट जमा किये थे उसकी जांच की गयी जिसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। अब शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच तेज कर दी है। 


काउंसलिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी

सीतामढ़ी में सक्षमता परीक्षा-2 में सफल शिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नए मामले सामने आ रहे हैं। 158 शिक्षकों के संदिग्ध प्रमाण पत्रों से जुड़ा यह मामला है। 9 फरवरी को इन शिक्षकों को प्रमाण पत्र और त्रुटियों के सुधार संबंधी साक्ष्य के साथ DPO स्थापना कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया था लेकिन फर्जी प्रमाण पत्र वाले शिक्षक डीपीओ कार्यालय में उपस्थित होने से कतरा रहे हैं।


 कई शिक्षक काउंसलिंग के दौरान उपस्थित तो हुए लेकिन  प्रमाण पत्र की जांच के लिए काउंटर पर नहीं पहुंचे। जबकि इन्हें DPO कार्यालय ने एक और मौका दिया था लेकिन वो सामने नहीं आए। इनमें कइयों का तो ऐसे संस्थान से जारी प्रमाण पत्र है जो मान्यता प्राप्त नहीं है। जबकि कुछ ऐसे भी संस्थान है जिन्हें DPE संवर्धन प्राप्त नहीं हुआ है। 


जांच में यह बात भी सामने आया है कि कई शिक्षकों के पास नियुक्ति पत्र तक नहीं है। वही कुछ ने अपना प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अभी तक अपलोड तक नहीं किया है। ऐसे शिक्षकों की सूची कार्यालय के सूचना बोर्ड पर भी लगाई गयी है। कई शिक्षकों का प्रमाण पत्र नेपाल से जारी किया गया है। वही कुछ का सर्टिफिकेट देवघर हिन्दी विद्यापीठ, विद्या विनोदिनी संस्थान से जारी किया गया है। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करने का मन बना लिया है। इन शिक्षकों की कभी भी नौकरी जा सकती है। 158 टीचरों की नौकरी पर संकट मंडराने लगा है।  

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें