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Bihar News: बिहार के किसी भी कोने से चार घंटे में पटना, सरकार ने कर दिया टारगेट सेट; बनेंगी नई फोरलेन सड़कें

Bihar News: बिहार में सभी स्टेट हाईवे को कम से कम दो लेन चौड़ा किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि कुछ सड़कों को फोर लेन में भी बदला जाए। 2027 तक राज्य के किसी भी कोने से चार घंटे में पटना पहुंचने की योजना पर काम शुरू हो चुका है।

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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार में लगभग 900 किलोमीटर स्टेट हाईवे को कम से कम दो लेन चौड़ा किया जाएगा। इस दिशा में पथ निर्माण विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि इनमें से कुछ सड़कों को फोर लेन के रूप में भी विकसित किया जाए। इसके लिए केंद्र सरकार को जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।


अनुमान के अनुसार, स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण में लगभग 10,000 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2005 में राज्य में कुल सड़क नेटवर्क 14,468 किलोमीटर था, जो 2024 में बढ़कर 26,081 किलोमीटर हो गया है। इसमें से 6,147 किलोमीटर नेशनल हाईवे है जबकि 3,638 किलोमीटर स्टेट हाईवे और 16,296 किलोमीटर वृहद जिला पथ (MDR) हैं। 


राज्य सरकार की प्रयासों से 2016 में ही "राज्य के किसी भी कोने से छह घंटे में पटना पहुंचने" की योजना पूरी कर ली गई थी। इसके बाद 2024 में पांच घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य भी सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया। अब सरकार ने 2027-28 तक "चार घंटे में पटना पहुंचने" की योजना पर कार्य शुरू किया है।


इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हाल ही में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह पाया गया कि राज्य के लगभग 900 किलोमीटर स्टेट हाईवे अभी भी सिंगल या इंटरमीडिएट लेन के रूप में हैं। यह राज्य के कुल स्टेट हाईवे नेटवर्क का एक-चौथाई हिस्सा है। इसलिए विभाग ने तय किया है कि राज्य की सभी स्टेट हाईवे को कम से कम दो लेन चौड़ा किया जाए।


चूंकि स्टेट हाईवे जिला मुख्यालयों को प्रखंड मुख्यालयों से जोड़ती हैं, इसलिए इनका चौड़ीकरण अत्यंत आवश्यक है। विभाग यह भी मूल्यांकन कर रहा है कि इनमें से किन सड़कों को नेशनल हाईवे में बदला जा सकता है और किन्हें दो लेन से अधिक चौड़ा किया जा सकता है ताकि आम लोगों को कम समय में पटना पहुंचने में सुविधा हो।


सड़कों को चौड़ा करने के साथ-साथ, विभाग ने राज्य की प्रमुख सड़कों पर फुटओवर ब्रिज बनाने का भी निर्णय लिया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि हिट एंड रन मामलों में अधिकतर पैदल यात्री शिकार हो रहे हैं। पैदल चलने वाले लोग ऑटो, बस, ट्रक या अन्य वाहनों की चपेट में आकर जान गंवा रहे हैं।


इस समस्या के समाधान के लिए हाल ही में सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि पटना सहित राज्य के अन्य जिलों की प्रमुख सड़कों पर एफओबी का निर्माण कराया जाए। इससे लोग सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकेंगे और वाहनों का संचालन भी बाधित नहीं होगा।

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Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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