बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की पहल का असर लगातार सामने आ रहा है। लंबे समय से हड़ताल पर गए विशेष सर्वेक्षण संविदाकर्मियों की वापसी की रफ्तार तेज हो गई है। विभाग द्वारा बर्खास्त कर्मियों को अपील अभ्यावेदन का अवसर देने के फैसले ने सैकड़ों कर्मियों को दोबारा सेवा में लौटने का मौका दिया है। अब तक कुल 5223 संविदाकर्मी हड़ताल छोड़कर काम पर लौट चुके हैं, जबकि विभाग को प्राप्त अपील अभ्यावेदनों पर कार्रवाई निरंतर जारी है।
बुधवार को विभागीय स्तर पर 502 अपील अभ्यावेदनों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही अब तक स्वीकृत अभ्यावेदनों की कुल संख्या 1902 तक पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया रोजाना जारी है और जिन कर्मियों ने अपील दाखिल की है, उनके मामलों की सुनवाई प्राथमिकता से की जा रही है। इस पहल से बर्खास्त कर्मियों में उत्साह का माहौल बना है और बड़ी संख्या में वे मुख्यालय तथा जिला कार्यालयों में अपने आवेदन जमा करने पहुंच रहे हैं।
दरअसल, हड़ताल पर गए संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। लेकिन विभाग ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें पुनर्विचार का अवसर दिया। इसी पहल का नतीजा है कि लगातार कर्मियों की वापसी हो रही है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह मौका उन कर्मियों के लिए बेहद अहम है, जो गलती से या दबाव में आकर हड़ताल में शामिल हो गए थे। अब वे अपने भविष्य को देखते हुए वापस लौटना चाह रहे हैं।
गौरतलब है कि शुरूआत में जब अपील प्रक्रिया आरंभ हुई थी, तो पहले चरण में केवल 54 अपीलों को स्वीकृति दी गई थी। इसके बाद यह संख्या बढ़ते-बढ़ते 402 तक पहुंची। मंगलवार तक कुल 1400 अपीलों को हरी झंडी दी जा चुकी थी। बुधवार को 502 और अभ्यावेदन स्वीकृत हुए, जिससे कुल संख्या बढ़कर 1902 हो गई। इस बीच पहले ही 3321 संविदाकर्मी बिना अपील प्रक्रिया के काम पर लौट चुके थे। अब अपील आधारित स्वीकृत 1902 मामलों को जोड़ने के बाद कुल आंकड़ा 5223 तक पहुंच गया है।






