ब्रेकिंग
जीतन राम मांझी की मांग: गुजरात मॉडल की तर्ज पर बिहार में शराबबंदी कानून को बनाया जाए अधिक प्रभावीनालंदा में पंचायत समिति सदस्य की गोली मारकर हत्या, आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम हंगामाBihar News: जिस पुल को जर्जर बता कर आम लोगों के लिए बंद किया उस पर फर्राटे से दौड़ा मंत्री का काफिला, हैरान रह गये स्थानीय निवासी खगड़िया में फर्जी IAS गिरफ्तार: आलीशान मकान, विदेशी गाड़ियां और फर्जी पहचान का बड़ा खेल उजागरदिल्ली में नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद पटना लौटे निशांत, स्वास्थ्य योजनाओं और भविष्य की रणनीति की दी जानकारीजीतन राम मांझी की मांग: गुजरात मॉडल की तर्ज पर बिहार में शराबबंदी कानून को बनाया जाए अधिक प्रभावीनालंदा में पंचायत समिति सदस्य की गोली मारकर हत्या, आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम हंगामाBihar News: जिस पुल को जर्जर बता कर आम लोगों के लिए बंद किया उस पर फर्राटे से दौड़ा मंत्री का काफिला, हैरान रह गये स्थानीय निवासी खगड़िया में फर्जी IAS गिरफ्तार: आलीशान मकान, विदेशी गाड़ियां और फर्जी पहचान का बड़ा खेल उजागरदिल्ली में नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद पटना लौटे निशांत, स्वास्थ्य योजनाओं और भविष्य की रणनीति की दी जानकारी

Bihar School News: कैसे पढ़-लिखकर होशियार बनेंगे बिहार के बच्चे? हेडमास्टर ने नदी में फेंक दी किताबें

Bihar School News: बिहार के सहरसा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां स्कूल के हेडमास्टर ने सरकार द्वारा भेजी गई किताबों को बच्चों के बीच वितरित करने के बजाए उसे नदी में फेंक दिया.

Bihar School News
हेडमास्टर का कारनामा
© reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar School News: बिहार के सहरसा स्थित महिषी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय कुंदह के प्रधानाध्यापक द्वारा छात्रों के लिए भेजी गई पाठ्यपुस्तकों को कोसी नदी में बहाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर महिषी के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुशील कुमार ने जलई थाना में एफआईआर दर्ज कराया है।


जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024-25 के शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रों को वितरित की जाने वाली किताबें हेडमास्टर सुरेश कुमार द्वारा जानबूझकर नदी में फेंकी गईं। जांच के दौरान दो बोरे भीगी हुई किताबें बरामद की गईं, जबकि चार बोरे नदी की तेज धारा में बह गए। घटना उस वक्त उजागर हुई जब विद्यालय के कक्षा आठ के दो छात्र, सनमोल कुमार और मनीष कुमार, नदी किनारे घूम रहे थे। 


उन्होंने देखा कि कुछ किताबें नदी में बह रही हैं। छात्रों के शोर मचाने पर ग्रामीण रतन सादा ने नदी में उतर कर दो बोरे किताबें बाहर निकालीं। स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार को जिम्मेदार ठहराया है। पूछताछ के दौरान सुरेश कुमार ने दावा किया कि स्कूल में कमरों की कमी के कारण उन्हें ऐसा करना पड़ा।


बीडीओ ने जांच के बाद कहा कि प्रधानाध्यापक की यह हरकत छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और सरकारी संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने, पद के दुरुपयोग और सरकारी राशि के गबन की श्रेणी में आता है। पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक कुल 354 छात्रों के नामांकन के बावजूद मात्र 220 छात्रों को ही किताबें वितरित की गईं थीं। बीडीओ के लिखित आवेदन पर हेडमास्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता