Bihar News: बिहार के पूर्णिया जिले में पिछले दिनों एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। कथित तौर पर जादू-टोना के संदेह में अनुसूचित जनजाति समुदाय से जुड़े एक ही परिवार के पांच लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। घटना के बाद हमलावरों ने शवों को घर से कुछ दूरी पर ले जाकर जला भी दिया था।
इस भयावह घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार सरकार और राज्य के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने 16 जुलाई, 2025 को जारी नोटिस में दो सप्ताह के भीतर इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें जांच की वर्तमान स्थिति, आरोपियों की गिरफ्तारी, और पीड़ित परिवार के जीवित सदस्य की सुरक्षा व परामर्श की व्यवस्था से जुड़ी जानकारी देने को कहा गया है।
NHRC ने स्पष्ट किया है कि यदि मीडिया में आई रिपोर्टें सच हैं, तो यह मामला गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन को दर्शाता है। आयोग ने राज्य सरकार को 16 वर्षीय लड़के की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसे काउंसलिंग सुविधा देने के भी निर्देश दिए हैं। बता दें कि इस पूरे मामले में परिवार का एकमात्र जीवित सदस्य 16 वर्षीय एक किशोर ही घटना का प्रत्यक्षदर्शी है।
किशोर ने पुलिस को बताया है कि करीब 50 लोगों की भीड़ ने उसके घर में घुसकर पहले उसकी मां पर बांस के डंडों से हमला किया और उसे डायन बताकर पीटना शुरू कर दिया। जब परिवार के अन्य सदस्य मां को बचाने आए, तो भीड़ ने उन्हें भी पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद सभी शवों को 100 से 150 मीटर दूर ले जाकर आग के हवाले कर दिया गया था। गांव के कुछ लोगों को शक था कि पीड़ित परिवार के काले जादू के कारण गांव का एक लड़का बीमार पड़ा था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। इसी आधार पर भीड़ ने यह अमानवीय कदम उठाया था।





