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Bihar Politics: तेजस्वी जी...आप 'लालू-राबड़ी' राज में मां-बहनों के रौंदे गए मान -सम्मान की बोली लगा रहे? अत्याचार भूलाने के लिए 2500 का प्रलोभन दे रहे हैं ? JDU ने पूछा- चंपा विश्वास-शिल्पी गौतम केस, और भी बताएं...

Bihar Politics: जेडीयू ने तेजस्वी यादव की घोषणा पर बड़ा सवाल खड़ा किया है. नीतीश कुमार की पार्टी ने कहा है कि तेजस्वी यादव किस मुंह से "माई बहिन योजना" या महिला सम्मान की बात कर रहे हैं?

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Viveka Nand
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Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को लुभाने के लिए तेजस्वी यादव ने बड़ी चाल चली है. उन्होंने महागठबंधन की सरकार बनने पर 'माई-बहिन सम्मान योजना' चलाने की घोषणा की है. जेडीयू ने कहा है कि तेजस्वी यादव किस मुंह से "माई बहिन योजना" या महिला सम्मान की बात कर रहे हैं? क्या अपने माता-पिता के काल में बिहार की माताओं-बहनों के साथ हुए दुराचार को भूलने के लिए उन्हें आर्थिक प्रलोभन दे रहे हैं ? उनके रौंदे गए मान सम्मान की बोली लगा रहे ?

जेडीयू के प्रदेश प्रवक्ता नवल शर्मा ने राजद और नेता प्रतिपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा है कि क्या तेजस्वी यादव इस बात को नहीं जानते कि बिहार की महिलाओं के लिए 1990 से 2005 के बीच का कालखंड उनके मान सम्मान का कैसा " ordeal phase "था यानि उनके लिए "अग्नि परीक्षा" का काल था ? एक ऐसा काल जिसमें बिहार की ललना लालू राज के लंपटों और राक्षसों के आगे पूरे पंद्रह साल तक घरों में दुबकी रहीं, लज्जाभंग और मर्यादभंग  से सिसकती रहीं थीं. क्या तेजस्वी यादव पच्चीस सौ रुपए देकर माताओं और बहनों से अपने ऊपर हुए अत्याचार को भूलने के लिए घूस दे रहे ? 

IAS की पत्नी चंपा विश्वास से रेप...शिल्पी गौतम कांड,और कितना याद कराएं 

जेडीयू प्रवक्ता ने नेता प्रतिपक्ष को याद दिलाते हुए कहा कि तेजस्वी जी...आपके पिताजी की सरकार एक ऐसी सरकार थी जो जातिद्घोषक सरकार थी.खुलेआम जातीय वैमनस्य की घोषणा करनेवाली सरकार थी.बिहार की मासूम माताएं और बहनें आपके पिताजी के दरबारी बाहुबलियों के आताताई आनंदभोग के आगे बिलख-बिलख कर रो रहीं थीं. राह चलती महिलाओं पर अभद्र फ़िकरे कसना ,उनका दुपट्टा खींच लेना, उन्हें देखकर लफंगों का सिटी बजाना , दिनदहाड़े मारुति ओमनी वैन में उन्हें खींच लेना. उस दौर की यातनाओं को कलमबद्ध करना भी सभ्यता की सीमा से लड़कर ही संभव है । आम लोगों की छोड़िए , खास महिलाएं भी आपकी पार्टी के लंपटों के आगे बेबस थीं . चंपा विश्वास जो एक IAS की पत्नी थी , न केवल उसके साथ , बल्कि उसकी मां, बहन और नौकरानी तक के साथ राजद नेताओं ने न जाने कितने दिनों तक बलात्कार किया और बेचारी एक एफआईआर लिखवाने के लिए बिलखती रह गई.शिल्पी गौतम कांड आज भी सबको याद है या फिर राजद विधायक योगेन्द्र नारायण सरदार की करतूतें.यही वो दौर था जब दुष्कर्म और  महिलाओं के अपहरण जैसे जघन्य मामलों ने पराकाष्ठा पार कर दी थी। लालू-राबड़ी राज का काल इतना भयावह था कि इतिहास में मोटे अक्षरों में अंकित हो गया है . तेजस्वी यादव जी...आपके पच्चीस सौ में इतनी ताकत नहीं की बिहार के माथे पर लगे इस कलंक को मिटा सके. 

जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा, '' आपको CM नीतीश कुमार से सीखना चाहिए, क्योंकि आप उन्हें चाचाजी कहते हैं. ये वही बिहार है लेकिन मंजर कितना बदल गया है .साइकिल पर पैडल मारती और साफ सुथरे ड्रेस में स्कूल जाती बच्चियों के चेहरे पर तैरती मुस्कान को देखिए, उनकी आंखों में पनप रहे सुनहरे भविष्य की चमक को देखिए , पंचायतों और नगर निकायों में सशक्त माताओं बहनों के चेहरे के गर्वीले आत्मविश्वास को देखिए , हाथों में इंसास लिए बिहार की महिलाओं का दुर्गावतार देखिए , जीविका दीदियों को देखिए । कितना दिखाएं....यह सब घूस देकर खरीदा हुआ नहीं है .यह सब संभव हुआ तो एक व्यक्ति की शासकीय प्रतिबद्धता, ईमानदारी और नीयत के चलते.वो व्यक्ति वही हैं जिन्हें आप चाचाजी कहते हैं.आधी आबादी आपके पिताजी के दौर में दुर्गिंजन का शिकार थीं , उसी आधी आबादी को नीतीश कुमार ने  उनकी ताकत का एहसास कराया, उन्हें सम्मान , सुरक्षा और वाजिब हक दिया. नीतीश कुमार ने अपने विजन से उनके जीवन में , उनके करियर में जो नई चमक पैदा की,बिहार में  महिलाओं के जीवन में जिस " मौन क्रांति " को जन्म दिया वह आनेवाले दौर में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा.

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रिपोर्टर / लेखक

Viveka Nand

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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