PATNA: बिहार पुलिस में 19,838 सिपाही पदों की बहाली के लिए केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। मार्च-अप्रैल 2025 में आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में करीब 17 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था लेकिन इनमें से 33,042 आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। जिन उम्मीदवारों का आवेदन रद्द किया गया वो अब परीक्षा से वंचित रह जाएंगे।
आवेदन रद्द होने का प्रमुख कारण?
1. उम्मीदवारों द्वारा स्वयं रद्द किए गए आवेदन (20,940 आवेदन): इनमें से अधिकांश उम्मीदवारों ने आवेदन करते समय गलत जानकारी भर दी थी, जैसे नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण में त्रुटियाँ। इस कारण उन्होंने पहले वाला आवेदन रद्द करके नया आवेदन भरा है।
2. अधूरा आवेदन– सबमिट नहीं किया गया (10,947 आवेदन): ये वो आवेदन हैं जो रजिस्ट्रेशन के बाद अंतिम चरण तक नहीं पहुंचे। उम्मीदवारों ने फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी नहीं की, यानी "फाइनल सबमिट" नहीं किया गया।
3. तकनीकी खामियाँ (1,155 आवेदन): इन आवेदनों में जेंडर (लिंग), फोटो और हस्ताक्षर जैसी जरूरी जानकारियों में त्रुटियाँ थीं। कुछ में फोटो अपलोड नहीं किया गया था या हस्ताक्षर स्पष्ट नहीं थे।
4. एक से अधिक बार आवेदन करने वालों के फॉर्म भी रद्द: कुछ उम्मीदवारों ने एक से ज़्यादा बार आवेदन किया, जिससे पर्षद ने उनके सभी आवेदन रद्द कर दिए।
भर्ती प्रक्रिया की जानकारी: विज्ञापन संख्या: 1/2025, पदों की संख्या: 19,838 सिपाही, आवेदन अवधि: मार्च–अप्रैल 2025, कुल आवेदन: 17 लाख से अधिक, रद्द आवेदन: 33,042
चयन प्रक्रिया: बिहार पुलिस में सिपाही बनने के लिए दो चरणों की परीक्षा ली जाएगी।
पहला चरण–लिखित परीक्षा: लिखित परीक्षा में सभी योग्य उम्मीदवारों को शामिल किया जाएगा। इस परीक्षा के आधार पर रिक्त पदों के पाँच गुना उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए चुना जाएगा।
दूसरा चरण–शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET): इसमें तीन प्रतियोगिताएँ शामिल होंगी: दौड़, गोला फेंक और ऊँची कूद..इन तीनों स्पर्धाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। केंद्रीय चयन पर्षद के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार के अनुसार, लिखित परीक्षा का कार्यक्रम जून 2025 में घोषित किया जा सकता है। इसके बाद PET का आयोजन होगा। पर्षद का लक्ष्य है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले पूरी बहाली प्रक्रिया सम्पन्न कर ली जाए।





