Bihar News : बिहार पुलिस के लिए 31 अक्टूबर का दिन बड़ी उपलब्धि लेकर आया। राज्य के सात पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक के लिए चुना गया है। सम्मानित होने वालों में आईपीएस स्वीटी सहरावत और आशीष भारती जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। खास बात यह है कि इन अधिकारियों को यह सम्मान किसी सामान्य उपलब्धि के लिए नहीं, बल्कि अपहरण और दोहरे हत्याकांड जैसे गंभीर मामलों की सफल जांच और अपराधियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाने के लिए मिला है। बिहार पुलिस के इन अधिकारियों ने अपने काम से राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी सम्मान सूची में बिहार पुलिस के सात अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें आईपीएस स्वीटी सहरावत, आईपीएस आशीष भारती, एडिशनल एसपी दिनेश कुमार पांडेय, डीएसपी संतोष कुमार राय, इंस्पेक्टर राजकिशोर कुमार, इंस्पेक्टर धनंजय कुमार निर्दोष और सब इंस्पेक्टर पंचम कुमार शामिल हैं। इसके अलावा सीबीआई पटना के डीएसपी अमित कुमार और बिहार एफएसएल के असिस्टेंट डायरेक्टर नीरज कुमार वार्ष्णेय को भी यह सम्मान मिला है। इस तरह बिहार से कुल नौ अधिकारियों और कर्मियों को पदक मिला है।
इनमें आईपीएस आशीष भारती को मिला सम्मान एक बड़े अपहरण कांड की सफल जांच से जुड़ा है। वर्ष 2022 में रोहतास जिले में फिरौती के लिए एक व्यक्ति का अपहरण कर लिया गया था। उस समय आशीष भारती रोहतास के एसपी थे। सासाराम टाउन के दरिगांव थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 72 घंटे के भीतर अपहृत व्यक्ति को सकुशल बरामद कर लिया। सबसे बड़ी बात यह रही कि पीड़ित की रिहाई के लिए अपहरणकर्ताओं को कोई फिरौती नहीं देनी पड़ी। पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचकर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया। इस केस में शामिल दस अपराधियों को वर्ष 2025 में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई। फिलहाल आशीष भारती केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में डीआईजी के पद पर तैनात हैं।
वहीं, आईपीएस स्वीटी सहरावत को पटना के चर्चित नेहरूनगर डबल मर्डर केस की सफल जांच के लिए केंद्रीय सम्मान मिला है। अक्टूबर 2024 में पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के नेहरूनगर में एक बुजुर्ग दंपती की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने कई चुनौतियां थीं। उस समय स्वीटी सहरावत पटना सेंट्रल की सिटी एसपी थीं। उन्होंने एएसपी दिनेश कुमार पांडेय के साथ मिलकर मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया और समय पर सुनवाई पूरी कराकर उन्हें सजा भी दिलाई। फिलहाल स्वीटी सहरावत बिहार पुलिस की विशेष शाखा में एसपी के पद पर तैनात हैं।
इस सम्मान सूची में सीबीआई पटना के डीएसपी अमित कुमार का नाम भी शामिल है। उन्होंने कई जटिल और संवेदनशील मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच के लिए गठित एसआईटी का भी हिस्सा रहे हैं। वहीं, बिहार की विधि-विज्ञान प्रयोगशाला के असिस्टेंट डायरेक्टर नीरज कुमार वार्ष्णेय को फॉरेंसिक क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।
इस साल देशभर में कुल 490 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक के लिए चुना गया है। इसमें विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के अधिकारी शामिल हैं। यह सम्मान पुलिसिंग, अपराध अनुसंधान, खुफिया सेवा, विशेष अभियान, बहादुरी और फॉरेंसिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को दिया जाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी। हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर इसकी घोषणा की जाती है। बिहार के अधिकारियों को मिला यह सम्मान बताता है कि गंभीर अपराधों की जांच से लेकर अपराधियों को सजा दिलाने तक पुलिस की पेशेवर क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।





