Bihar News: बिहार के नालंदा स्थित पावापुरी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला मरीज के लिए स्लाइन की बोतल अपने हाथ से पकड़े खड़ी है, क्योंकि अस्पताल में स्लाइन स्टैंड उपलब्ध नहीं था।
यह वीडियो 4 सितंबर की रात का बताया जा रहा है, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला साफ तौर पर कह रही है कि बार-बार मांगने के बावजूद स्लाइन स्टैंड नहीं दिया गया। मजबूरी में हाथ में बोतल पकड़े खड़ी हूं। हालांकि फर्स्ट बिहार इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
दरअसल, मामला रहुई थाना क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गांव निवासी अनिल रविदास से जुड़ी है। अनिल 4 सितंबर की सुबह सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था और उसे पावापुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि अनिल स्ट्रेचर पर लेटा हुआ है और उसके परिजन, संभवतः पत्नी या बहन, स्लाइन की बोतल हाथ में पकड़े खड़ी है।
वीडियो रिकॉर्ड कर रहे व्यक्ति के पूछने पर महिला ने कहा कि डॉक्टर स्लाइन लगाकर चले गए, अब तक कोई दोबारा देखने नहीं आया है। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी वायरल वीडियो के माध्यम से हुई है। उन्होंने कहा कि हम मामले की जांच करा रहे हैं। जो भी कर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना न केवल चिकित्सा व्यवस्था की लचर स्थिति को उजागर करती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की कमी को भी सामने लाती है। स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सेवा में इस तरह की लापरवाही निंदनीय है। स्लाइन जैसी बुनियादी सुविधा के लिए मरीज के परिजन को घंटों खड़े रहना पड़ रहा है, जो सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।





