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बिहार : पटना के बड़े निजी अस्पताल की संवेदनहीनता, 12 घंटों तक शव को बनाया बंधक, 10 हजार लेकर परिजनों को सौंपा शव

PATNA : राजधानी पटना में निजी अस्पतालों की मनमानी जग जाहिर है। मरीजों के परिजनों से रुपए ऐंठने के लिए निजी अस्पताल हर हथकंडा अपनाते हैं। ताजा मामला पाटलिपुत्रा औद्योगिक क्षेत्र स्थ

बिहार : पटना के बड़े निजी अस्पताल की संवेदनहीनता, 12 घंटों तक शव को बनाया बंधक, 10 हजार लेकर परिजनों को सौंपा शव
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA : राजधानी पटना में निजी अस्पतालों की मनमानी जग जाहिर है। मरीजों के परिजनों से रुपए ऐंठने के लिए निजी अस्पताल हर हथकंडा अपनाते हैं। ताजा मामला पाटलिपुत्रा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक बड़े निजी अस्पताल का है, जहां अस्पताल प्रबंधन द्वारा डेढ़ लाख रूपए के लिए शव को बंधक बनाने का आरोप लगा है।


जानकारी के मुताबिक छपरा की एक मरीज को बीते 23 जनवरी को उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसकी इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। परिजनों द्वारा मरीज का शव मांगे जाने पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा डेढ़ लाख रूपए की मांग की गई। गरीब परिजन अस्पताल प्रबंधन से मिन्नतें करता रहा लेकिन संवेदनहीन अस्पताल ने उनकी एक नही सुनी और अंत में 10 हजार रूपए वसूलने के बाद शव को मृतक के परिजनों को सौंपा।


मृतक महिला की बेटी पूजा ने बताया कि उसकी मां शांति देवी को दिल की बीमारी थी। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद शांति देवी को पाटलिपुत्रा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के नाम पर करीब दो लाख रूपए वसूल लिए गये लेकिन शांति देवी की हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी मौत हो गई। जिसके बाद शव देने के एवज में अस्पताल प्रबंधन द्वारा डेढ़ लाख रूपए की मांग की जा रही थी।


मृतका के परिजनों का आरोप है कि लाखों रूपए ऐंठने के बावजूद मरीज का ठीक से इलाज नहीं किया गया और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण मरीज की मौत हो गई। परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही के साथ जबरन पैसा वसूलने का भी आरोप लगाया है।

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Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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