बिहार में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा तकनीकी बदलाव करने का फैसला किया है। पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और सरल बनाने के उद्देश्य से इस बार मल्टी पोस्ट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (Multi Post EVM) का इस्तेमाल किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत मतदाता अलग-अलग पदों के लिए वोट तो अलग-अलग बैलेट यूनिट के माध्यम से डालेंगे, लेकिन पूरे मतदान की प्रक्रिया को संचालित करने के लिए केवल एक कंट्रोल यूनिट का उपयोग किया जाएगा।
पंचायती राज विभाग का मानना है कि इस तकनीक के लागू होने से मतदान केंद्रों पर लगने वाला समय कम होगा, मतगणना में तेजी आएगी और चुनावी खर्च में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। नई प्रणाली को पंचायत चुनावों में आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मतदान प्रक्रिया होगी पहले से ज्यादा आसान
अब तक पंचायत चुनावों में विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग ईवीएम और कंट्रोल यूनिट का इस्तेमाल करना पड़ता था। इससे मतदान प्रक्रिया लंबी हो जाती थी और चुनावकर्मियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी भी बढ़ जाती थी। नई मल्टी पोस्ट ईवीएम व्यवस्था में एक ही कंट्रोल यूनिट के माध्यम से सभी पदों के मतदान को नियंत्रित किया जाएगा।
मतदाता पहले की तरह अपने-अपने पसंदीदा उम्मीदवार के सामने बटन दबाकर वोट देंगे, लेकिन चुनाव संचालन की तकनीकी प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और सरल होगी। इससे मतदान केंद्रों पर भीड़ कम होगी और मतदाता कम समय में अपना मतदान कर सकेंगे।
चुनावी खर्च में होगी बड़ी बचत
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ चुनावी खर्च में कमी के रूप में सामने आएगा। अलग-अलग कंट्रोल यूनिट की आवश्यकता समाप्त होने से मशीनों की संख्या घटेगी। इसके साथ ही चुनाव संचालन में लगने वाले संसाधनों और मानवबल की जरूरत भी कम होगी।
सरकार का मानना है कि कम उपकरणों के उपयोग से परिवहन, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाला खर्च भी घटेगा। इससे पंचायत चुनाव अधिक किफायती तरीके से संपन्न कराए जा सकेंगे।
मतगणना होगी तेज, परिणाम जल्द आएंगे
नई तकनीक का एक और बड़ा फायदा मतगणना के दौरान देखने को मिलेगा। एकीकृत कंट्रोल यूनिट के कारण वोटों की गणना पहले की तुलना में अधिक तेज गति से पूरी की जा सकेगी।
मतगणना प्रक्रिया सरल होने से चुनाव परिणाम घोषित करने में लगने वाला समय भी कम होगा। इससे उम्मीदवारों और मतदाताओं दोनों को जल्द परिणाम मिल सकेंगे तथा प्रशासनिक प्रक्रिया भी समय पर पूरी हो सकेगी।
चुनावकर्मियों का काम होगा आसान
पंचायती राज विभाग के अनुसार नई मल्टी पोस्ट ईवीएम व्यवस्था से चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों का कार्यभार भी कम होगा। कम मशीनों के संचालन, कम तकनीकी जटिलताओं और सरल प्रबंधन के कारण मतदान केंद्रों पर काम पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।
इसके अलावा प्रशिक्षण प्रक्रिया भी अधिक आसान होगी क्योंकि कर्मचारियों को कई अलग-अलग कंट्रोल यूनिट के संचालन के बजाय एकीकृत प्रणाली को समझना होगा।
नई व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं
पहली बार पंचायत चुनाव में मल्टी पोस्ट ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।
कई पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया एक ही कंट्रोल यूनिट से संचालित होगी।
मतदान में पहले की तुलना में कम समय लगेगा।
चुनावी खर्च और संसाधनों की आवश्यकता घटेगी।
चुनावकर्मियों का कार्यभार कम होगा।
मतगणना तेज होगी और परिणाम जल्द घोषित किए जा सकेंगे।
चुनाव प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित होगा।
तकनीक आधारित पंचायत चुनाव की ओर कदम
राज्य सरकार का कहना है कि पंचायत चुनावों में नई तकनीक अपनाने का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। यदि मल्टी पोस्ट ईवीएम व्यवस्था सफल रहती है तो भविष्य में स्थानीय निकाय चुनावों में भी इस तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से चुनाव प्रक्रिया न केवल तेज होगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता भी बढ़ेगी। ऐसे में आगामी पंचायत चुनाव बिहार में चुनावी प्रबंधन के नए मॉडल के रूप में देखे जा रहे हैं।





