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बिहार में आरक्षण प्रक्रिया शुरू होते ही चुनावी सरगर्मी तेज, फॉर्म-1 जारी; 4 से 18 मई तक दावा-आपत्ति का मौका

Bihar News: बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य में प्रपत्र-1 जारी होने के साथ ही आरक्षण निर्धारण प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। अब 18 मई तक लोग आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, जिसके बाद आगे की चुनावी प्रक्रिया तय...

बिहार में आरक्षण प्रक्रिया शुरू होते ही चुनावी सरगर्मी तेज, फॉर्म-1 जारी; 4 से 18 मई तक दावा-आपत्ति का मौका
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में पंचायत आम निर्वाचन के लिए प्रपत्र–1 (फॉर्म-1) का विधिवत प्रकाशन कर दिया गया है। इसके साथ ही आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। खास तौर पर मुजफ्फरपुर जिले में यह प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी कर ली गई है, जिससे चुनावी गतिविधियों को गति मिल गई है।


राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह पूरा काम वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जा रहा है। इसी आधार पर पंचायत के विभिन्न पदों जैसे ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और ग्राम कचहरी के पंच व सरपंच के लिए आरक्षण तय किया जाएगा। प्रपत्र–1 में इन सभी पदों के लिए प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की जनसंख्या का विस्तृत विवरण शामिल है, जिससे आरक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया जा सके।


जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि यह प्रकाशन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया है। फॉर्म-1 को जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा कर दिया गया है, ताकि आम नागरिक, जनप्रतिनिधि और संबंधित पक्ष इसे आसानी से देख सकें और अपनी प्रतिक्रिया दे सकें।


अब इस प्रक्रिया का सबसे अहम चरण शुरू हो गया है, जिसमें आम लोगों को अपनी आपत्तियां और सुझाव देने का मौका मिलेगा। 18 मई तक कोई भी नागरिक प्रपत्र–1 में दिए गए आंकड़ों या आरक्षण से संबंधित बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके बाद 22 मई तक इन आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा, जबकि अपीलों की सुनवाई 29 मई तक पूरी कर ली जाएगी।


प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों, जैसे प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत राज पदाधिकारी और सांख्यिकी पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं कोई त्रुटि सामने आती है, तो उसे तय समय के भीतर सुधार लिया जाए, ताकि अंतिम सूची में कोई विवाद न रह जाए।


जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। फॉर्म-1 का अवलोकन करें और यदि कोई सुझाव या आपत्ति हो, तो समय सीमा के भीतर संबंधित कार्यालय में जरूर दर्ज कराएं।


आगे की प्रक्रिया के तहत प्रपत्र–1 का अंतिम प्रकाशन 5 जून को किया जाएगा और 9 जून को इसे जिला गजट में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद ही पंचायत चुनाव के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का अंतिम निर्धारण और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।