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Bihar News: दवाई के लिए अब नहीं जाना होगा शहर, बिहार के हर गांव में खुलेंगे जन औषधि केंद्र; जेब पर नहीं पड़ेगा असर

Bihar News: बिहार के गांवों में अब मिलेंगी सस्ती जेनेरिक दवाएं। मुजफ्फरपुर जिले में सात पैक्स पर खुलेंगे जन औषधि केंद्र, एक को मिला लाइसेंस। फार्मेसी डिग्रीधारकों को रोजगार और ग्रामीणों को मिलेंगी सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं।

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत अब आने वाले समय में बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध होंगी। मुजफ्फरपुर जिला सहकारिता विभाग ने प्राथमिक कृषि साख समितियों को जन औषधि केंद्रों के रूप में विकसित करने की पहल शुरू कर दी है। पहले चरण में सात पैक्स का चयन किया गया है। जिनमें से मीनापुर प्रखंड के पिपराहा असली पैक्स को दवा बिक्री का लाइसेंस भी मिल चुका है। अन्य छह पैक्सों (औराई का बिशनपुर गोकुल, मुशहरी का तरौरा गोपालपुर, कुढ़नी का पकाही और किशुनपुर मोहिनी, मड़वन का करजाडीह और सरैया का बहिलबारा रूपनाथ दक्षिणी) में लाइसेंस की प्रक्रिया चल रही है। यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने और फार्मेसी डिग्रीधारकों के लिए रोजगार सृजन करने में मील का पत्थर साबित होने वाली है।


इन जन औषधि केंद्रों का संचालन पैक्स के माध्यम से ही होगा। प्रभारी जिला सहकारिता पदाधिकारी रामनरेश पांडेय ने बताया है कि जिन पंचायतों में पैक्स के पास गोदाम नहीं है, वहाँ पंचायत सरकार भवन में केंद्र स्थापित किए जाएंगे। योजना की शर्त के अनुसार प्रत्येक केंद्र पर B.Pharma या D.Pharma डिग्रीधारक व्यक्ति का होना अनिवार्य है। पैक्स अध्यक्ष ऐसे योग्य व्यक्ति को ही केंद्र के संचालन में शामिल कर ड्रग लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल ग्रामीणों को मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और अन्य बीमारियों की WHO-प्रमाणित जेनेरिक दवाएं 50-80% कम कीमत पर मिलेंगी बल्कि स्थानीय फार्मासिस्टों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।


प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत ये केंद्र गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए आर्थिक राहत लाएंगे। बाजार में जहाँ दवाओं की कीमत 100 रुपये तक हो सकती है, वही दवा जन औषधि केंद्रों पर 10-15 रुपये में उपलब्ध होगी। इससे ग्रामीणों को दवाओं के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जिला सहकारिता पदाधिकारी के अनुसार ये दवाएं गुणवत्ता में ब्रांडेड दवाओं के समान ही हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों पर खरी उतरती हैं।


सरकार जन औषधि केंद्र खोलने के लिए 2 से 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है और विशेष वर्गों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। मुजफ्फरपुर में शुरू होने वाले ये केंद्र ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति लाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।