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Bihar News: बिहार के 39 पदाधिकारियों और कर्मियों की सैलरी रोकने का आदेश, छोटी सी लापरवाही पड़ गई भारी; जानिए..

Bihar News: बिहार के मुजफ्फऱपुर में 39 पदाधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी रोक दी गई है. इन कर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद डीएम ने सभी का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है।

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Mukesh Srivastava
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Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर में 39 लापरवाह अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ डीएम ने बड़ा एक्शन ले लिया है। जिलाधिकारी ने इन सभी सरकारी कर्मियों के वेतन को रोकने का आदेश जारी कर दिया है। मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान ये सभी अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए थे।


दरअसल, डॉ. आंबेडकर समग्र सेवा अभियान के तहत राज्य के प्रत्येक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति टोलों में विशेष विकास शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों की तैनाती की थी।


हालांकि, 14 मई को जिलाधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई पदाधिकारी और कर्मचारी शिविर से अनुपस्थित पाए गए। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित कर्मियों और पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की शुरुआत की है।


वेतन और मानदेय पर रोक

डीएम सुब्रत कुमार सेन ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसे प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से जिला कल्याण कार्यालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। संतोषजनक उत्तर नहीं देने की स्थिति में संबंधित कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए प्रपत्र 'क' गठित करने की चेतावनी दी गई है। साथ ही, सभी का वेतन और मानदेय अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।


कार्रवाई की जद में कई विभागों के कर्मचारी

कार्रवाई की जद में आने वालों में प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी, मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, आवास सहायक व पर्यवेक्षक, राजस्व कर्मी, तकनीकी प्रबंधक (कृषि विभाग), कृषि समन्वयक, पंचायत सचिव और कैंप ऑफिसर समेत कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।


शिविरों में अनिवार्य उपस्थिति का निर्देश

डीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के तहत विशेष शिविरों के माध्यम से वंचित समुदायों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर अपने कार्यों का निष्पादन करने और प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे। इसके बावजूद लापरवाही दिखाना चिंताजनक है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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