ब्रेकिंग
बिहार पुलिस दारोगा भर्ती पर बड़ा अपडेट, 1799 पदों की PET और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन स्थगित; BPSSC जल्द जारी करेगा नई तारीखगोलीकांड में ‘दाएं या बाएं हाथ’ का क्या है कनेक्शन? CID ने 4 साल बाद फिर तेज की अनुराग पोद्दार केस की जांचबिहार गीत के रचयिता कवि सत्यनारायण का निधन, 92 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस; साहित्य जगत में शोक की लहरराजधानी को जाम से मिलेगी मुक्ति! पटना के करबिगहिया और मीठापुर-महुली ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू, सीएम सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटनदाखिल-खारिज में लापरवाही पर राजस्व अधिकारी पर गिरी गाज... डीएम ने रोका वेतन, जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठितबिहार पुलिस दारोगा भर्ती पर बड़ा अपडेट, 1799 पदों की PET और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन स्थगित; BPSSC जल्द जारी करेगा नई तारीखगोलीकांड में ‘दाएं या बाएं हाथ’ का क्या है कनेक्शन? CID ने 4 साल बाद फिर तेज की अनुराग पोद्दार केस की जांचबिहार गीत के रचयिता कवि सत्यनारायण का निधन, 92 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस; साहित्य जगत में शोक की लहरराजधानी को जाम से मिलेगी मुक्ति! पटना के करबिगहिया और मीठापुर-महुली ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू, सीएम सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटनदाखिल-खारिज में लापरवाही पर राजस्व अधिकारी पर गिरी गाज... डीएम ने रोका वेतन, जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित

Bihar News: तेज बारिश और तूफान ने बर्बाद की तैयार फसल, बिहार के किसानों ने कहा "अब कर्ज कैसे चुकाएंगे"

Bihar News: मुंगेर के तारापुर में तूफान-बारिश ने तैयार धान की फसल की बर्बाद। कटाई से पहले सब हुआ ख़त्म, किसान कर्ज चुकाने को लेकर भी हुए चिंतित..

Bihar News
प्रतीकात्मक
© रिपोर्टर
Deepak Kumar
Deepak Kumar
2 मिनट

Bihar News: बिहार समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में आए तेज तूफान और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। धान की फसल पूरी तरह पकने के बाद खेतों में तैयार खड़ी थी, लेकिन अचानक आए इस तूफान ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है। अब किसानों के चेहरे पर खुशी की जगह मायूसी और चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।


बीते 24 घंटे में आए तेज तूफान और भारी बारिश ने किसानों की सालभर की मेहनत पर गहरा असर डाला है। मुंगेर जिले के धान का कटोरा कहे जाने वाले तारापुर अनुमंडल में तेज हवा और बरसात के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल बुरी तरह झुक गई है।


किसानों का कहना है कि फसल कटाई का समय आ चुका था, बस दो-चार दिन में खेतों में हँसी-खुशी कटनी शुरू होने वाली थी, लेकिन इस तूफान ने सबकुछ बर्बाद कर दिया। पूरे साल मेहनत की, अब जब फसल घर आने का वक्त आया, तूफान सब ले गया। अब ना धान बचेगा, ना मेहनत का दाम मिलेगा। किसान कर्ज लेकर फसल लगाए थे, अब वे कर्ज कैसे चुकाएंगे यह भी एक बड़ी परेशानी है।


रिपोर्टर: मो. इम्तियाज