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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फिर की बड़ी कार्रवाई: 146 विशेष सर्वेक्षण कर्मियों को किया बर्खास्त

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अनुचित मांगों को लेकर हड़ताल करने वाले 146 संविदा विशेष सर्वेक्षण कर्मियों को बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई संविदा शर्तों और विभागीय अनुशासन के उल्लंघन के आधार पर की गई है।

Bihar
अब तक 256 पर गिरी गाज
© SOCIAL MEDIA
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: इस वक्त की बड़ी खबर राजधानी पटना से आ रही है, जो राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़ी हुई है। हड़ताल पर गये 146 विशेष सर्वेक्षण कर्मियों पर आज दूसरे दिन विभाग ने कार्रवाई की है। 146 कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया  गया है। इस पर संविदा शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। 


बता दें कि इससे पहले कल सोमवार 25 अगस्त को भी 110 विशेष सर्वेक्षण अमीन, विशेष सर्वेक्षण, कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी एवं विशेष सर्वेक्षण लिपिक को बर्खास्त किया गया था। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आज दूसरे दिन भी कर्मियों पर कार्रवाई की है। इन पर हड़ताल भड़काने और राजस्व महा-अभियान में बाधा डालने का आरोप लगा है। दो दिनों के भीतर अभी तक 256 विशेष सर्वेक्षण कर्मियों पर गाज गिरी है। 


बता दें कि अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल में नियोजित दस हजार से ज्यादा कर्मी आंदोलन कर रहे हैं। इनके हड़ताल पर चले जाने से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे राजस्व महा-अभियान अभियान प्रभावित हो रहा है। जिसे देखते हुए आज सरकार ने राजस्व महा-अभियान को लेकर बड़ा फैसला लिया है। CSC के 11,549 कर्मियों को इस काम में लगाया गया है। विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की हड़ताल के बीच सरकार ने राजस्व महा-अभियान को लेकर यह वैकल्पिक व्यवस्था की है।  


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आज कार्रवाई के दूसरे दिन हड़ताल भड़काने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में  97 विशेष सर्वेक्षण अमीन, 24 विशेष सर्वेक्षण कानूनगो एवं 25 विशेष सर्वेक्षण लिपिक की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। सभी संविदा कर्मियों पर उनके पदस्थापित जिलों से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में कार्रवाई की गई है।


भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बर्खास्त किए गए विशेष सर्वेक्षण अमीन, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो एवं विशेष सर्वेक्षण लिपिक ने अनुचित मांगों को लेकर हड़ताल की राह अपनाई और विभागीय कार्य बाधित किया। विभाग ने माना कि राजस्व महा अभियान की शुरुआत होते ही हड़ताल पर चले जाने का इनका आचरण अनुशासनहीनता और सरकारी आदेश की अवहेलना की श्रेणी में आता है।


विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी संविदा विशेष सर्वेक्षण अमीन, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो एवं विशेष सर्वेक्षण लिपिक की नियुक्ति संविदा नियमावली 2019 एवं संशोधित नियमावली 2022 के तहत हुई थी। नियमों के मुताबिक यह सेवा किसी भी परिस्थिति में नियमित नियुक्ति में परिवर्तित नहीं होगी। इसके बावजूद पदनाम बदलने, नियमितीकरण और समतुल्य वेतनमान जैसी अनुचित मांगों को लेकर हड़ताल पर जाना शपथपत्र और संविदा शर्तों का खुला उल्लंघन है।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल से सरकार के महत्वाकांक्षी राजस्व महा–अभियान की गति प्रभावित हुई। इस अभियान के तहत राज्यभर में जमाबंदी में त्रुटि सुधार, ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करना, बंटवारा नामांतरण और उत्तराधिकार नामांतरण जैसी सेवाएं आमजन तक पहुंचाई जा रही हैं। ऐसे में हड़ताल का कदम जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाला साबित हुआ। इसी आधार पर विभाग ने कठोर कार्रवाई करते हुए नियमावली की धारा 8(4) के तहत संविदा सर्वेक्षण कर्मियों की संविदा सेवा समाप्त कर दी है। विभाग के स्तर से कार्य से अनुपस्थित अन्य सभी पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।