ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

नेपाल बार्डर पर आसमान में चमकती चीज ड्रोन नहीं है, एलन मस्क से है कनेक्शन, जांच में सामने आया मामला

बिहार सरकार ने बुधवार को जानकारी दी कि बार्डर इलाके में आसमान में चमकती चीज ड्रोन नहीं है। बल्कि आसमान में चमकती चीजों का वास्ता मशहुर अमेरिकी उद्योपति एलन मस्क से है।

bihar
एलन मस्क से कनेक्शन
© google
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: बिहार के कई जिलों में नेपाल बार्डर पर दो-तीन दिनों से आसमान में उड़ रही चमकीली चीजें ड्रोन नहीं थी. बिहार के मधुबनी जिले समेत नेपाल बार्डर से लगे कई दूसरे जिलों में चमकीली चीजें आसमान में दिखाई दे रही हैं. लोगों ने इसे ड्रोन समझा था, जिससे दहशत का माहौल बन गया था. अब नई बात सामने आयी है. इसमें पता चला है कि ये ड्रोन नहीं हैं. बल्कि आसमान में चमकती चीजों का वास्ता मशहुर अमेरिकी उद्योपति एलन मस्क से है.


बिहार सरकार ने बताया क्या है माजरा?

बिहार सरकार ने बुधवार को जानकारी दी कि बार्डर इलाके में आसमान में चमकती चीज ड्रोन नहीं है. सरकार ने बताया कि यह ड्रोन नहीं बल्कि स्टारलिंक का लो-ऑर्बिट सैटेलाइट है. स्टारलिंक अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी है, जो अंतरिक्ष संबंधी काम करती है. स्टारलिंक ने नई सैटेलाइट सेवा शुरू की है, जिसका मकसद लोगों को हाई स्पीड इंटरनेट प्रदान करना है.


बिहार सरकार के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने मीडिया को बताया कि इस बात की पुष्टि हो गई है कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र पर देखी गयी चमकीली चीज ड्रोन नहीं है. यह स्टारलिंक का लो ऑर्बिट सैटेलाइट है, जो हाई स्पीड इंटरनेट सेवा देने के लिए तैयार किया गया है. बता दें कि भारत में जियो और एयरटेल दोनों कंपनियों ने स्टारलिंक से करार किया है, जिससे कि वे अपने उपयोगकर्ताओं को बेहतर सेवा दे पायें.


एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने स्टारलिंक प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसका मकसद है कि पूरी दुनिया में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराया जा सके. इससे मोबाइल कंपनियों को टावर लगाने की जरूरत नहीं होगी और सेटेलाइट के जरिये मोबाइल सेवा मिलेगी. इस प्रोजेक्ट के तहत हजारों छोटे सैटेलाइट्स को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा जा रहा है. जब ये सैटेलाइट्स एक साथ लॉन्च होते हैं, तो कुछ दिनों तक वे एक-सी लाइन में, एक समान दूरी पर चलते हुए दिखते हैं. उन्हें स्टारलिंक सैटेलाइट ट्रेन कहा जाता है. 


विशेषज्ञों ने बताया कि स्टारलिंक के सैटेलाइट सूरज की रोशनी को परावर्तित करते हैं, इसलिए सूरज छिपने के थोड़ी देर बाद या सूर्योदय से पहले यह दिख जाते हैं. यह नज़ारा कुछ मिनटों के लिए ही दिखता है और फिर धीरे-धीरे गायब हो जाता है. बिहार के मधुबनी जिले समेत दूसरे पर बीते दो-तीन दिनों से चमकीली चीजें आसमान में दिखाई दे रही हैं. पहले इन्हें ड्रोन माना जा रहा था, जिससे नेपाल सीमा से सटे इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ था.

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें