Bihar News : बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर एक बार फिर सीटों को लेकर खींचतान सामने आ गई है। कांग्रेस ने गुरुवार देर रात बिहार की पांच विधान परिषद सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इनमें चार सीटें ऐसी हैं, जहां राष्ट्रीय जनता दल पहले ही अपने प्रत्याशी उतार चुका है। ऐसे में इन सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। इसे दोनों सहयोगी दलों के बीच ‘फ्रेंडली फाइट’ के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस की ओर से जारी सूची में दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया गया है। इस सीट से आरजेडी ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। यहां कांग्रेस उम्मीदवार का मुकाबला जेडीयू के घनश्याम राय और जन सुराज के एसपी राय से होगा।
वहीं, कांग्रेस ने चार अन्य सीटों पर ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं, जहां आरजेडी के प्रत्याशी पहले से मैदान में हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस ने संजय यादव को टिकट दिया है, जबकि आरजेडी ने यहां डॉ. संजीव कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। पटना स्नातक सीट पर कांग्रेस के असदुल्लाह खान और आरजेडी के दिलीप कुमार के बीच मुकाबला होगा।
कोसी स्नातक सीट पर कांग्रेस ने मनोज कुमार जायसवाल को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर आरजेडी की ओर से नितेश कुमार मैदान में हैं। इसी तरह दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने रजनीकांत पाठक को टिकट दिया है, जबकि आरजेडी ने अनिल कुमार झा को उम्मीदवार बनाया है। इस तरह विधान परिषद की इन चार सीटों पर दोनों दल एक-दूसरे के सामने चुनाव लड़ेंगे।
इस घटनाक्रम की खास बात यह है कि आरजेडी ने इससे पहले 11 सितंबर को विधान परिषद की आठ में से छह सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी। पार्टी ने पटना शिक्षक, पटना स्नातक, कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक, सारण शिक्षक और तिरहुत स्नातक सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। इसके बाद कांग्रेस की ओर से भी कई सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की खबरें सामने आई थीं।
कांग्रेस ने अब पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी की सूची को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद जारी किया गया। इस फैसले के बाद महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और चुनावी तालमेल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, नामांकन की अंतिम तारीख तक तस्वीर में बदलाव की संभावना बनी रह सकती है।
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। इन चुनावों में आम विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता वोट नहीं करते। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले पंजीकृत स्नातक मतदाता और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र एवं पंजीकृत शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं।
इस चुनाव में कांग्रेस और आरजेडी के अलावा एनडीए के घटक दल बीजेपी और जेडीयू भी अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार चुके हैं। बीजेपी ने चार सीटों और जेडीयू ने चार सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। ऐसे में आठों सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय होता जा रहा है।
कांग्रेस और आरजेडी के बीच चार सीटों पर आमने-सामने मुकाबला होने से इन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी गणित दिलचस्प हो गया है। अब देखना होगा कि नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों दलों के बीच किसी तरह का समन्वय बनता है या फिर दोनों पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ चुनाव मैदान में बनी रहती हैं।





