Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान होगा। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले इस चुनाव में कुल 5,32,847 मतदाता 150 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। चुनावी मैदान में एनडीए और महागठबंधन के उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है, लेकिन जनसुराज और निर्दलीय प्रत्याशी भी कई सीटों पर मुकाबले को रोचक बना रहे हैं।
पटना, दरभंगा, कोसी और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के साथ-साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान होगा। कुल 993 मतदान केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक बैलेट पेपर से वोट डाले जाएंगे। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
8 सीटों पर किसका मुकाबला?
बिहार विधान परिषद की जिन 8 सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
पटना स्नातक
दरभंगा स्नातक
कोसी स्नातक
तिरहुत स्नातक
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
पटना शिक्षक
दरभंगा शिक्षक
तिरहुत शिक्षक
सारण शिक्षक
इन सभी सीटों पर निवर्तमान प्रतिनिधि भी दोबारा मैदान में हैं। ऐसे में कई सीटों पर मुकाबला बेहद कांटे का माना जा रहा है।
5.32 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मतदाता हैं। यहां कुल 4,92,594 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
पुरुष मतदाता: 3,55,522
महिला मतदाता: 1,37,038
थर्ड जेंडर: 34
वहीं चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 40,253 मतदाता हैं।
पुरुष मतदाता: 30,677
महिला मतदाता: 9,573
थर्ड जेंडर: 3
इस तरह कुल मिलाकर 5 लाख 32 हजार से ज्यादा मतदाता 150 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे।
दरभंगा स्नातक में सबसे ज्यादा 40 उम्मीदवार
उम्मीदवारों की संख्या के लिहाज से दरभंगा स्नातक सीट सबसे आगे है। यहां कुल 40 प्रत्याशी मैदान में हैं।
स्नातक सीटों पर उम्मीदवारों की स्थिति:
दरभंगा स्नातक: 40 उम्मीदवार
पटना स्नातक: 18 उम्मीदवार
तिरहुत स्नातक: 17 उम्मीदवार
कोसी स्नातक: 15 उम्मीदवार
यानी दरभंगा स्नातक सीट पर मुकाबला सबसे ज्यादा बहुकोणीय होने वाला है।
शिक्षक सीटों पर भी कांटे की टक्कर
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी कई सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या काफी अधिक है।
पटना शिक्षक: 18 उम्मीदवार
सारण शिक्षक: 18 उम्मीदवार
दरभंगा शिक्षक: 13 उम्मीदवार
तिरहुत शिक्षक: 11 उम्मीदवार
इन सीटों पर भी एनडीए, महागठबंधन, जनसुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा।
महागठबंधन में भी आमने-सामने की लड़ाई
इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह है कि महागठबंधन के घटक दलों के बीच कई सीटों पर सहमति नहीं बन सकी। राजद और कांग्रेस के अलावा वाम दलों ने भी अलग-अलग सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। राजद ने 6 सीटों, जबकि कांग्रेस ने 5 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। कई सीटों पर महागठबंधन के ही दल एक-दूसरे के सामने दिखाई दे रहे हैं। पटना शिक्षक और पटना स्नातक के अलावा कोसी और दरभंगा स्नातक सीट पर राजद-कांग्रेस उम्मीदवारों के सामने एनडीए प्रत्याशी मुकाबले में हैं। वहीं सारण शिक्षक और तिरहुत स्नातक सीट पर कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतारा है। यहां राजद और एनडीए के बीच मुकाबला है। दरभंगा और तिरहुत शिक्षक सीट पर राजद ने प्रत्याशी नहीं दिया है।
जनसुराज और निर्दलीय भी बिगाड़ सकते हैं समीकरण
इस बार मुकाबले को केवल एनडीए बनाम महागठबंधन के तौर पर देखना आसान नहीं होगा। जनसुराज और निर्दलीय उम्मीदवार भी सभी आठ सीटों पर चुनावी मैदान में हैं। कई सीटों पर मजबूत निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी मुकाबले का गणित बदल सकती है। खासकर उन सीटों पर जहां जीत-हार का अंतर कम रहने की संभावना है, वहां तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
बुधवार शाम थमा प्रचार का शोर
आठों सीटों के लिए चुनाव प्रचार बुधवार शाम 4 बजे थम गया। अब प्रत्याशी और उनके समर्थक वोटरों से संपर्क और बूथ मैनेजमेंट पर जोर दे रहे हैं। मतदान शुक्रवार सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतदान बैलेट पेपर के जरिए कराया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और चुनाव क्षेत्रों में प्रेक्षक भी तैनात किए गए हैं।
27 अक्टूबर को खुलेगा उम्मीदवारों का भाग्य
मतदान के बाद सभी की नजरें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर रहेंगी। इसके बाद यह साफ हो जाएगा कि बिहार विधान परिषद की इन 8 सीटों पर किस दल और किस उम्मीदवार का दबदबा कायम होता है। इस चुनाव में निवर्तमान प्रतिनिधियों के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती है, जबकि विपक्षी दलों के उम्मीदवार सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश में हैं। वहीं जनसुराज और निर्दलीय प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय और बहुकोणीय बनाने में जुटे हैं। ऐसे में 23 अक्टूबर का मतदान और 27 अक्टूबर की मतगणना बिहार की सियासत के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।





