Bihar cold wave: बिहार में बढ़ती ठंड और कोहरे ने बढ़ाई परेशानी, विजिबिलिटी 300 मीटर तक गिरी; कैमूर रहा सबसे ठंडा जिला
दिसंबर के अंतिम पखवाड़े में प्रवेश करते ही बिहार में ठंड ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है। पूरे राज्य पर घने कोहरे की चादर छा गई है, जिसके कारण आम जनजीवन पर खासा असर पड़ रहा है। विशेषकर राजधानी पटना में पिछले तीन दिनों से दिनभर धुंधलका बना हुआ है। गुरुवार को पटना में विजिबिलिटी घटकर केवल 300 मीटर रह गई, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर भी प्रभाव पड़ा। सुबह और शाम के समय वाहनों की रफ्तार थमी देखी गई और कई रूटों पर परिवहन सेवाएँ प्रभावित हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, यह कोहरा अगले कुछ दिनों तक और घना हो सकता है। पछुआ हवा की सक्रियता के कारण राज्य में ठिठुरन लगातार बढ़ रही है। तापमान में गिरावट का दौर भी जारी है। कैमूर जिले में न्यूनतम तापमान 5.8°C दर्ज किया गया, जिससे यह लगातार बिहार का सबसे ठंडा जिला बना हुआ है। कई अन्य जिलों जैसे गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया में भी रात का तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री कम चल रहा है।
बिहार मौसम सेवा केंद्र के ताजा पूर्वानुमान में स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि राज्य आने वाले दिनों में और अधिक ठंड की चपेट में आएगा। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि घना कोहरा सुबह के समय सड़क सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है। कई स्थानों पर विजिबिलिटी 100 मीटर से भी नीचे जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय उत्तरी बिहार में नमी की मात्रा अधिक है और पछुआ हवाओं के साथ जब यह नमी मिल रही है, तब कोहरे की परत और गहरी हो रही है।
गुरुवार को पटना सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह 8 बजे तक सूरज की किरणें दिखाई नहीं दीं। दोपहर बाद हल्की धूप निकलने के बावजूद ठंड में खास राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान में गिरावट से लोग सुबह-शाम ठिठुरन महसूस कर रहे हैं। बाजारों में सुबह का कारोबार धीमा देखा गया। लोग जरूरत के कामों से ही घरों से बाहर निकलते दिखे।
स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। डॉक्टरों ने कहा है कि ऐसे मौसम में बुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा या हृदय रोगियों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। ठंडी हवा उनके लिए जोखिम बढ़ा सकती है। प्रशासन ने भी जगह-जगह अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच, कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे सुबह के समय खेत में कम जाएँ और धान-आलू जैसी संवेदनशील फसलों को पाला लगने से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करें।
कुल मिलाकर, बिहार इस समय दिसंबर की कड़कड़ाती ठंड और कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, गर्म कपड़े पहनें और सड़कों पर पूरी सावधानी के साथ चलें।






