ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

Bihar News: बिहार में भू अर्जन पदाधिकारियों का दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू, जमीन से जुड़ी हर समस्या होगी दूर

Bihar News: पटना में जिला भू अर्जन पदाधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं के समाधान और परियोजनाओं में देरी रोकने पर जोर दिया गया।

Bihar News
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: 3 सितंबर 2025 को राजस्व सर्वे (प्रशिक्षण) संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में जिला भू अर्जन पदाधिकारी एवं अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारियों का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसका शुभारंभ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह और सचिव गोपाल मीणा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर भू अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह, सहायक निदेशक आजीव वत्सराज, भू अर्जन विशेषज्ञ सुशील कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।


सचिव जय सिंह ने कहा कि भू अर्जन की प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं और विलंब को दूर करने के लिए रणनीति के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायालय में विवादों को कम करना और भू अर्जन का अंतिम निष्पादन समय पर करना ही विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।


सचिव गोपाल मीणा ने पुराने मामलों की केस स्टडी साझा करते हुए कहा कि भू अर्जन में त्वरित कार्रवाई से परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी और विकास की गति बढ़ेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि देरी की स्थिति में यह सरकार और रैयत दोनों के लिए नुकसानदेह साबित होता है। इस दौरान उन्होंने कई कैसे स्टडी भी अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करते हुए समझाया। उन्होंने कुछ वैसे मामलों से अधिकारियों को अवगत कराया जो थोड़ी सी लापरवाही से वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से लंबित या विवादित मामलों में उचित कार्रवाई करने की सलाह सभी अधिकारियों को दी।


भू अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने अधिकारियों की शंकाओं का समाधान करते हुए वर्तमान परियोजनाओं की चर्चा की। उन्होंने बताया कि पटना–पूर्णिया, रक्सौल–हल्दिया, गोरखपुर–सिलीगुड़ी और वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेस वे का 1626.37 किलोमीटर भाग बिहार में है, जिसके लिए 1,18,849.40 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। इन परियोजनाओं को वर्ष 2027 तक पूरा करना लक्ष्य है। उपरोक्त सभी परियोजनाएं राज्य की विकाश की गति बढ़ाएंगी। इसलिए इन्हें समय पर पूरा करना लक्ष्य है।


सहायक निदेशक आजीव वत्सराज ने एनएच एक्ट 1956 और रेलवे एक्ट 1989 की बारीकियों से अधिकारियों को अवगत कराया और सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में भू अर्जन की प्रक्रिया कम से कम समय में पूरा करने के सफलता का उदाहरण साझा किया। भू अर्जन विशेषज्ञ सुशील कुमार ने समय पर भू अर्जन के लाभ बताए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भू अर्जन निदेशालय के सहायक भू अर्जन पदाधिकारी कमल नयन कश्यप, रवि सिन्हा, पंकज कुमार झा एवं शिव जी समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें