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बिहार : जातीय गणना के काम में लगे शिक्षक की हार्ट अटैक से मौत, तीन महीने से नहीं मिला था वेतन; जानिए क्या है पूरा मामला

SARAN : बिहार में पटना हाई कोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर से जातीय जनगणना का काम शुरू हो चूका है। अब इसी गणना से जुड़ी एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। जिसमें दूसरे चरण की

बिहार : जातीय गणना के काम में लगे शिक्षक की हार्ट अटैक से मौत, तीन महीने से नहीं मिला था वेतन; जानिए क्या है पूरा मामला
Tejpratap
Tejpratap
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SARAN : बिहार में पटना हाई कोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर से जातीय जनगणना का काम शुरू हो चूका है। अब इसी गणना से जुड़ी एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। जिसमें दूसरे चरण की गणना में लगे एक टीचर की मौत हो गई है। इस टीचर को सरकार के तरफ से पिछले तीन महीने से वेतन भी नहीं जारी किया गया था। जिसके बाद अब हार्ट अटैक की वजह से इस टीचर की मौत हो गई है। 


दरअसल, छपरा सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बलुआं के प्रखंड शिक्षक मुनी मनोज यादव का हार्ट अटैक से निधन हो गया। मुनी मनोज यादव जाति-आधारित गणना में प्रगणक के रूप में मुसेपुर पंचायत के वार्ड नम्बर 5 में प्रतिनियुक्त थे। ये सोमवार को ऑनलाइन डेटा लोड करने घर से छपरा निकले थे। उसी दौरान अचानक मुसेपुर चौक के पास गिर गये। जिसके बाद इनको आनन - फानन में इलाज हेतु एम्बुलेंस से दिघवारा ले जाया जा रहा था। लेकिन, बीच रास्ते में भी इनकी मौत हो गई। 


बताया जा रहा है कि, मुनी मनोज यादव को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला था, जिसके कारण बीमार होने के बाबजूद भी वो खुद अपनी बीमारी के बार में किसी अच्छे डाक्टर से दिखलाने में आनाकानी कर रहे थे, नतीजन अब इनका देहांत हो गया है। इस  घटना के बाद परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल है। मुनी मनोज यादव वे अपने पीछे चार बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं।  सभी अविवाहित हैं। 


जानकारी के अनुसार, मुनी मनोज का नियोजन पंचायत राज मुसेपुर के पत्रांक- 5 दिनांक 2-6-2005 के अनुसार मध्य विद्यालय बलुआं प्रखंड सदर में शिक्षामित्र के रूप में हुआ था।  वे अपनी समस्याओं एवं मांगों के प्रति काफी गम्भीर एवं संगठनों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा शुरू से लेते थे। वे शिक्षा मित्र कल्याण संघ के प्रमंडलीय अध्यक्ष के रूप में भी अपनी भूमिका निभा चुके थे।  मुनी मनोज नौकरी से पहले गाड़ी चलाने से लेकर ग्रामीण चिकित्सक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं इसलिए ज्वार के लोग उन्हें ऑलराउंडर भी कहा करते थे।