BIHAR NEWS: बिहार समेत देश भर में आज से नया फाइनेंशियल साल शुरू हो गया है। ऐसे में बिहार के अधिकारियों ने इस वित्तीय वर्ष के शुरू होने से पहले अपने पास मौजूद संपतियों का ब्यौरा दिया है। इसके बाद जिस नाम की चर्चा सबसे अधिक हो रही है वह नाम है शिक्षा विभाग के अपर सचिव एस सिद्धार्थ। तो आइए जानते हैं कि इसको लेकर ताजा अपडेट क्या है?
वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन सोमवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी जो राज्य सरकार की सेवा में तैनात है, उन्होंने अपनी संपत्ति की घोषणा कर दी। ऐसे में राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक अधिकांश अधिकारियों को वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन अपनी संपत्ति जो उन्होंने अर्जित की है, उसकी घोषणा कर दी है।
इसके बाद सबसे पहले राज्य के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने संपत्ति की जो घोषणा की है, उसके मुताबिक उनके पास नगद के रूप में करीब 60,000 रुपये हैं। उन्होंने बैंक और वित्तीय संस्थानों में करीब 37 लाख रुपये जमा किए हैं।
वहीं, उनकी पत्नी बर्फी मीणा के बैंक खातों में करीब 12.93 लाख जमा है। मीणा ने बांड्स और शेयर में करीब 40 हजार निवेश किए हैं। मुख्य सचिव को सोने का भी शौक है। उनके पास करीब 70 ग्राम सोने के जेवरात हैं, जबकि पत्नी के पास 450 ग्राम सोने के जेवरात और लगभग 2 किलो चांदी भी है।
इसके अलावा मुख्य सचिव के पास जयपुर में कुछ कृषि योग्य भूमि भी है। संपत्ति के ब्योरा के अनुसार उनके पास अपना कोई वाहन नहीं है। पत्नी के नाम पर दिल्ली में ढाई लाख और जयपुर में गैर कृषि योग्य 54 लाख की जमीन है।
जबकि पत्नी ने दिल्ली में 2 लाख 61 हजार की व्यवसायिक भूमि खरीदी है। मुख्य सचिव के नाम पर जयपुर और दिल्ली में एक अपार्टमेंट है। देनदानी के रूप में मुख्य सचिव ने दिल्ली के केनरा बैंक से 11 लाख का कर्ज लिया है।
इधर, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ के विभिन्न बैंकों के बचत खाता में 34.79 लाख है। 11 लाख के शेयर और बांड हैं। चार लाख की ज्वेलरी रखे हुए हैं। एक पिस्टल भी रखे हुए हैं।
इसके अलावा दिल्ली के द्वारिका में 25 लाख का फ्लैट, तेलंगना के मेडचल जिले में 65 लाख का मकान और तमिलनाडु के निरकुंडरम में 1.35 करोड़ का फ्लैट है। बैंक का 90 लाख के लोन भी इनके ऊपर है। कृषि और गैर कृषि किसी तरह की भूमि नहीं है। कोई वाहन नहीं है।






