Bihar Home Guard death : बिहार में होमगार्ड की ट्रेनिंग के दौरान एक दर्दनाक हादसे में नवनियुक्त जवान की मौत हो गई। यह घटना औरंगाबाद जिले के मदनपुर स्थित सीआरपीएफ कैंप में हुई, जहां पासिंग आउट परेड की तैयारियों के दौरान हाई जंप करते समय जवान जमीन पर गिर पड़ा। गंभीर रूप से घायल जवान को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद जवान के परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं पूरे ट्रेनिंग कैंप में शोक की लहर है।
मृतक जवान की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मकसूदपुर गांव निवासी राम निहोरा सिंह के मंझले बेटे राजू कुमार (25) के रूप में हुई है। राजू कुमार 2025 बैच का नवनियुक्त होमगार्ड जवान था और उसकी ट्रेनिंग अभी जारी थी। परिजनों के मुताबिक, राजू इसी साल 28 अगस्त की रात ट्रेनिंग के लिए औरंगाबाद जिले के मदनपुर गया था। कई महीनों की कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ वह ट्रेनिंग पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ रहा था।
बताया जा रहा है कि 8 जनवरी को पासिंग आउट परेड प्रस्तावित है। इसी कार्यक्रम की तैयारी के तहत सभी नवनियुक्त जवानों को शारीरिक अभ्यास कराया जा रहा था। मंगलवार को भी राजू अपने साथियों के साथ ग्राउंड में प्रैक्टिस करने पहुंचा था। इसी दौरान हाई जंप अभ्यास के समय संतुलन बिगड़ने से वह जमीन पर जोर से गिर गया। गिरते ही वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
घटना के तुरंत बाद राजू को मदनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण उसे औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, गिरने के दौरान सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतक जवान के परिवार को जैसे ही घटना की सूचना मिली, गांव में मातम छा गया। राजू के पिता राम निहोरा सिंह और अन्य परिजन बेटे की मौत से सदमे में हैं। परिजनों का कहना है कि राजू परिवार की उम्मीद था और सरकारी सेवा में चयन होने के बाद पूरे गांव में खुशी का माहौल था। उसकी असमय मौत ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
इस हादसे के समय मदनपुर सीआरपीएफ कैंप में कुल 244 नवनियुक्त होमगार्ड जवान ट्रेनिंग ले रहे थे। इनमें मुजफ्फरपुर जिले के 176 जवान और सीतामढ़ी जिले के 68 जवान शामिल हैं। सभी जवान पासिंग आउट परेड की तैयारियों में जुटे हुए थे। घटना के बाद ट्रेनिंग कैंप में कुछ देर के लिए अभ्यास रोक दिया गया और जवानों को संभलने का समय दिया गया।
होमगार्ड के डिविजनल कमांडेंट आमिर इसरार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक जवान के परिजनों को इसकी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है और विभाग की ओर से आगे की कानूनी और विभागीय प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जवानों की सुरक्षा को लेकर सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जाता है, लेकिन कभी-कभी अभ्यास के दौरान इस तरह की घटनाएं हो जाती हैं।
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों द्वारा हादसे की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अभ्यास के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं हुई। वहीं, स्थानीय लोग और जवानों के परिजन सरकार से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग कर रहे हैं।
राजू कुमार की मौत ने एक बार फिर ट्रेनिंग के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कड़ी शारीरिक ट्रेनिंग के बीच जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की बड़ी जिम्मेदारी है। इस दुखद घटना ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए और क्या कदम उठाए जा सकते हैं।






