Bihar News : बिहार में पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। 15 जुलाई से बिहार में हेलीकॉप्टर पर्यटन सेवा की शुरुआत होगी। इस नई सुविधा के जरिए पर्यटक राजधानी पटना समेत राज्य के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों का हवाई नजारा ले सकेंगे। पर्यटन विभाग की इस पहल का उद्देश्य बिहार के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के पर्यटकों के बीच आकर्षक बनाना है।
हर शनिवार और रविवार मिलेगी सेवा
पर्यटन विभाग के अनुसार हेलीकॉप्टर सेवा 15 जुलाई से शुरू होकर फिलहाल 15 जनवरी तक संचालित की जाएगी। यह सुविधा सप्ताहांत यानी प्रत्येक शनिवार और रविवार उपलब्ध रहेगी। पर्यटक निर्धारित समय के अनुसार हेलीकॉप्टर से विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।
₹2100 में पटना का एरियल व्यू
राजधानी पटना के हवाई भ्रमण के लिए प्रति यात्री ₹2100 किराया तय किया गया है। पांच सीटों वाले हेलीकॉप्टर से दोपहर 3 बजे से उड़ानें शुरू होंगी। हर 30 मिनट के अंतराल पर कुल चार उड़ानें संचालित की जाएंगी। प्रत्येक उड़ान लगभग 10 मिनट की होगी, जिसमें यात्रियों को शहर के प्रमुख ऐतिहासिक और प्रसिद्ध स्थलों का आसमान से नजारा देखने का अवसर मिलेगा।
पहले चरण में तीन प्रमुख पर्यटन रूट
हेलीकॉप्टर पर्यटन सेवा के पहले चरण में तीन महत्वपूर्ण रूटों को शामिल किया गया है। इनमें पटना से वाल्मीकिनगर, राजगीर और कैमूर (करमचट डैम) तक की उड़ानें संचालित होंगी।
पटना–वाल्मीकिनगर: सुबह 10 बजे और दोपहर 3 बजे उड़ान।
पटना–राजगीर: प्रति सीट किराया ₹4000।
पटना–कैमूर (करमचट डैम): प्रति सीट किराया ₹6000।
इन सभी रूटों पर एक बार में अधिकतम पांच यात्री यात्रा कर सकेंगे। पर्यटन विभाग का मानना है कि यह सेवा धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को नई गति देगी।
कम बुकिंग या खराब मौसम में उड़ान होगी रद्द
पर्यटन विभाग ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी निर्धारित उड़ान में 60 प्रतिशत से कम सीटें बुक होती हैं या मौसम उड़ान के अनुकूल नहीं रहता, तो संबंधित हेलीकॉप्टर सेवा रद्द की जा सकती है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को टिकट की पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।
सामान ले जाने के लिए तय किए गए नियम
हेलीकॉप्टर यात्रा के दौरान प्रत्येक यात्री केवल 3 से 4 किलोग्राम तक का एक सॉफ्ट हैंडबैग ही साथ ले जा सकेगा। सुरक्षा कारणों से अतिरिक्त या भारी सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यात्रा के लिए टिकट ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बुक किए जाएंगे और यह सुविधा टूर पैकेज के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
पर्यटन उद्योग को मिलेगा नया प्रोत्साहन
राज्य सरकार इस परियोजना के संचालन पर अगले छह महीनों में लगभग ₹4.35 करोड़ खर्च करेगी। सरकार का लक्ष्य हेलीकॉप्टर पर्यटन के जरिए बिहार के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों को नई पहचान दिलाना है, ताकि अधिक से अधिक घरेलू और विदेशी पर्यटक राज्य की ओर आकर्षित हों।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस सेवा के शुरू होने से बिहार में पर्यटन उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी। खासकर उन पर्यटकों के लिए यह सुविधा आकर्षण का केंद्र होगी, जो कम समय में प्रमुख पर्यटन स्थलों का अलग अनुभव लेना चाहते हैं। यदि यह योजना सफल रहती है, तो आने वाले समय में राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों को भी हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने की संभावना है।





