Bihar Weather: बिहार में हाल ही में आए आंधी और बारिश के बाद अब भीषण गर्मी और लू का संकट गहराता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में 23 से 25 अप्रैल तक हीटवेव को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पटना से कटिहार और गया से बेतिया तक के जिलों में लू के झोंकों और तापमान में तेजी से वृद्धि के आसार हैं। दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा सकता है।
नमी के कारण बढ़ेगा ‘ह्यूमिड हीट’ का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वातावरण में मौजूद अत्यधिक नमी के कारण गर्मी की तीव्रता और अधिक महसूस होगी। ह्यूमिड हीट यानी नमी भरी गर्मी से लोगों को घबराहट, चक्कर और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कहां-कहां अलर्ट?
23 अप्रैल (बुधवार): पटना, गया, सारण, सीवान, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद और औरंगाबाद जिलों में येलो अलर्ट। इन जिलों में हॉट डे और हॉट नाइट की स्थिति बनी रहेगी।
24 अप्रैल (गुरुवार): अररिया, किशनगंज और पूर्णिया को छोड़कर शेष पूरे बिहार में लू चलने की संभावना। कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, भोजपुर और बक्सर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
25 अप्रैल (शुक्रवार): सीमांचल और आसपास के जिलों को छोड़कर अधिकांश भागों में लू की स्थिति बनी रहेगी। दक्षिण बिहार में कई स्थानों पर भीषण हीटवेव की आशंका जताई गई है।
26 अप्रैल से राहत के संकेत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 अप्रैल या उसके बाद बिहार में मौसम करवट ले सकता है। तेज हवाओं और बारिश के साथ आंधी का दौर शुरू हो सकता है, जिससे गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भीषण गर्मी के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लू लगने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की जरूरत होती है।
हीटवेव के दौरान बरतें ये जरूरी सावधानियां
अत्यावश्यक कार्य न हो तो दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलें।
दिनभर में भरपूर पानी पिएं और खुद को हाइड्रेट रखें।
ओआरएस, लस्सी, छाछ, तोरानी, नींबू पानी जैसे पेय का सेवन करें।
बाहर काम करने वाले लोग टोपी, गमछा, छतरी का उपयोग करें, शरीर को हल्के और ढीले कपड़ों से ढकें।
खेतों या खुले स्थानों में काम के दौरान नियमित अंतराल पर छायादार स्थानों पर विश्राम करें।
बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहनों में बिल्कुल न छोड़ें।
प्रशासन की तैयारी
राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को अलर्ट किया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस के पैकेट, दवाइयां और आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। स्कूलों में भी समय बदलने या अवकाश को लेकर निर्देश जारी किए जा सकते हैं, यदि स्थिति और बिगड़ती है।





