ब्रेकिंग
धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....

Bihar News: भ्रष्ट अफसरों - कर्मियों को पकड़वाने के लिए रिश्वत के पैसे सरकार देगी, अब बड़े घूसखोरों को करें बेनकाब....

Bihar News: भ्रष्टाचार में लिप्त सरकारी अधिकारियों - कर्मियों को ट्रैप करने के लिए सरकार नई व्यवस्था कर करने जा रही है। सरकारी सेवकों को दबोचने के लिए सरकार पैसा देगी। सरकारी कर्मी या

Bihar News:
भ्रष्टाचार पर एक्शन
© SOCIAL MEDIA
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

Bihar News: भ्रष्टाचार में लिप्त सरकारी अधिकारियों - कर्मियों को ट्रैप करने के लिए सरकार नई व्यवस्था कर करने जा रही है। सरकारी सेवकों को दबोचने के लिए सरकार पैसा देगी। सरकारी कर्मी या अधिकारी के द्वारा मांगी मांगी जाने वाले घूस की राशि को अब निगरानी ब्यूरो उपलब्ध कराएगी । यह व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है ।


 ट्रैप करने के लिए रिश्वत के पैसे निगरानी ब्यूरो के स्तर से मुहैया कराने के प्रावधान मौजूद हैं। वर्तमान में ट्रैप में जो राशि दी जाती है वह संबंधित शिकायतकर्ता की होती है। घूस लेते रंगे हाथ पकड़े जाने पर इस राशि को प्रदर्श के तौर पर जमा किया जाता है। राशि उस समय तक उस व्यक्ति को नहीं मिलती है जब तक इस पर कोर्ट के स्तर से कोई फैसला नहीं आ जाता। कोर्ट में साक्ष्य के तौर पर इसे प्रस्तुत करके इस राशि को रिलीज करने की विधिवत प्रक्रिया पूरी नहीं कर ली जाती, इतने समय तक यह राशि निगरानी ब्यूरो में साक्ष्य के तौर पर जमा रहती है ।


निगरानी के डीजे की तरफ से बताया गया है कि यह नई व्यवस्था शुरू कर दी गई है । इससे संबंधित सभी तैयारी और ट्रेजरी से राशि का बंदोबस्त कर लिया गया है ।अब नई व्यवस्था से शिकायतकर्ता के पैसे नहीं फसेंगे। नई व्यवस्था से ट्रैप केस में बड़े घूसखोरों को दबोचने के मामले बढ़ेंगे। क्योंकि कई मामलों में जिसमें मोटी घूस मांगी जाती है, उसमें संबंधित व्यक्ति राशि फंसने के चक्कर में शिकायत नहीं करता है।

इस खबर के बारे में
Tejpratap

रिपोर्टर / लेखक

Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें