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Bihar news : बिहार में नया टूरिज्म हब तैयार! ‘गेटवे ऑफ VTR’ बनेगा पर्यटकों का नया आकर्षण, इस दिन से खुलने की संभावना

बिहार के बगहा में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास ‘गेटवे ऑफ VTR’ तैयार हो रहा है। यह नया इको-टूरिज्म स्पॉट अप्रैल अंत तक खुल सकता है, जिससे पर्यटन को बड़ी बढ़त मिलेगी।

Bihar news :  बिहार में नया टूरिज्म हब तैयार! ‘गेटवे ऑफ VTR’ बनेगा पर्यटकों का नया आकर्षण, इस दिन से खुलने की संभावना
Tejpratap
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बिहार के पश्चिमी चंपारण स्थित बिहार के बगहा वन क्षेत्र में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित किया जा रहा बहुप्रतीक्षित इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट ‘गेटवे ऑफ वीटीआर’ अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यह नया पर्यटन केंद्र प्रसिद्ध वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के मदनपुर रेंज में विकसित किया जा रहा है, जिसे जल्द ही पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी चल रही है।


करीब 0.548 एकड़ क्षेत्र में फैले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि प्रवेश द्वार और कुछ फिनिशिंग कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 3.13 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें आधुनिक डिजाइन, हरियाली विकास, बैठने की व्यवस्था और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया गया है।


प्राकृतिक सौंदर्य के बीच नया इको-टूरिज्म हब

‘गेटवे ऑफ वीटीआर’ को विशेष रूप से ऐसे पर्यटकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है जो प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं। यहां आने वाले पर्यटक घने जंगलों के बीच प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे। परियोजना का उद्देश्य वन्य जीवन संरक्षण के साथ-साथ इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना भी है।


पर्यटन विभाग के अनुसार, यह स्थल वाल्मीकिनगर क्षेत्र की पर्यटन पहचान को एक नया आयाम देगा। पहले से ही अपने जैव विविधता और बाघों के लिए प्रसिद्ध यह इलाका अब एक आधुनिक प्रवेश द्वार के रूप में और अधिक आकर्षक बनने जा रहा है।


अप्रैल के अंत में उद्घाटन की संभावना

बगहा वन क्षेत्र पदाधिकारी के अनुसार, पार्क और गेटवे का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और केवल अंतिम चरण के कुछ निर्माण कार्य बाकी हैं। यदि सभी कार्य समय पर पूरे हो जाते हैं तो अप्रैल के अंतिम सप्ताह में वरीय अधिकारियों द्वारा इसका औपचारिक उद्घाटन किए जाने की संभावना है। प्रशासन का मानना है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद वाल्मीकिनगर क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


प्रवेश शुल्क पर जल्द फैसला

फिलहाल इस नए इको-टूरिज्म स्पॉट में प्रवेश शुल्क (Entry Fees) तय नहीं किया गया है। विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही शुल्क निर्धारित कर दिया जाएगा, जिससे आम पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना और भी व्यवस्थित हो सकेगा।


पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं

‘गेटवे ऑफ वीटीआर’ में पर्यटकों की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। इसमें आरामदायक बैठने की जगह, बच्चों के मनोरंजन क्षेत्र, नाश्ते की सुविधा और आकर्षक लैंडस्केपिंग शामिल है। इसके अलावा पूरे परिसर में सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं।


वन विभाग ने जंगली जानवरों से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मजबूत घेराबंदी भी की है। साथ ही रात के समय स्थल को आकर्षक बनाने के लिए विशेष लाइटिंग सिस्टम भी लगाया गया है, जो इसे और भी सुंदर रूप प्रदान करेगा।


पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।


होटल, गाइड सेवा, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे पूरा इलाका इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित हो सकता है। ‘गेटवे ऑफ वीटीआर’ परियोजना न केवल पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह वन संरक्षण और स्थानीय रोजगार सृजन का भी मजबूत माध्यम बनेगा। यदि यह योजना सफल होती है, तो बगहा और वाल्मीकिनगर क्षेत्र बिहार के प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में और अधिक लोकप्रिय हो सकता है।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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