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बिहार में बिछेगा एक्सप्रेसवे का जाल! करोड़ों के 5 बड़े रोड प्रोजेक्ट्स बदलेंगे राज्य की तस्वीर, खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते

Expressway In Bihar: बिहार में आने वाले वर्षों में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने वाली है। राज्य में कई बड़े एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर की योजनाओं पर काम चल रहा है, जिनसे सफर का समय घटने के साथ कारोबार, रोजगार और बाजारों तक पहुंच आसान होने

बिहार में बिछेगा एक्सप्रेसवे का जाल! करोड़ों के 5 बड़े रोड प्रोजेक्ट्स बदलेंगे राज्य की तस्वीर, खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
Ramakant kumar
7 मिनट

Expressway In Bihar: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है. राज्य में प्रस्तावित और निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे से न सिर्फ जिलों के बीच आवागमन आसान होगा, बल्कि बिहार की कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल सीमा तक भी बेहतर होने की उम्मीद है.


इन परियोजनाओं में बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे, आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे, पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे शामिल हैं. इन सड़कों के जरिए लंबी दूरी के सफर का समय कम करने के साथ माल ढुलाई और परिवहन व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की योजना है.


बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे

बक्सर से भागलपुर के बीच करीब 336 किलोमीटर लंबे 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की योजना बनाई गई है. इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3,700 से 3,750 करोड़ रुपये बताई गई है. एक्सप्रेसवे के निर्माण से दक्षिण बिहार के कई जिलों के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.


यह एक्सप्रेसवे बिहार के बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, नवादा, जमुई, बांका और भागलपुर से होकर गुजरने का प्रस्ताव है. बक्सर में इसका संपर्क उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से होने की बात कही गई है.


इस कनेक्टिविटी से उत्तर प्रदेश की ओर आने-जाने के साथ बिहार के दक्षिणी हिस्से से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों की तरफ जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक और तेज मार्ग मिल सकता है.


सोन, पुनपुन और फल्गु नदी पर बनेंगे पुल

बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे के रास्ते में कई नदियां पड़ेंगी. इनमें सोन, पुनपुन, फल्गु और किऊल जैसी प्रमुख नदियां शामिल हैं. इन नदियों को पार करने के लिए बड़े पुल और जरूरत के अनुसार एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाए जाने की योजना है.


वर्तमान में बक्सर से भागलपुर जाने में लंबा समय लगता है. एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद सफर का समय करीब 4 से 5 घंटे तक आने का अनुमान है.


आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे

आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे बिहार के महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट्स में शामिल है. इसका बिहार में करीब 170 किलोमीटर लंबा हिस्सा प्रस्तावित है, जबकि पूरी परियोजना की लंबाई करीब 189 किलोमीटर बताई गई है.


यह एक्सप्रेसवे औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा जैसे इलाकों को जोड़ेगा. परियोजना पर अलग-अलग हिस्सों में काम किए जाने की योजना है.


इसके बनने के बाद गया से दरभंगा के बीच सफर का समय कम होने की उम्मीद है. वहीं पटना से दरभंगा की यात्रा भी पहले के मुकाबले आसान और तेज हो सकती है.


बोधगया और राजगीर को जोड़ने की तैयारी

आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है. बोधगया और राजगीर को संपर्क सड़क के जरिए एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव केंद्र को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है.


अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो देश के अलग-अलग हिस्सों से बिहार आने वाले पर्यटकों के लिए बोधगया और राजगीर तक पहुंचना आसान हो सकता है.


पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को बिहार की महत्वपूर्ण हाई-स्पीड सड़क परियोजनाओं में शामिल किया गया है. करीब 245 से 250 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किए जाने की योजना है.


इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद पटना से पूर्णिया के बीच सफर का समय काफी कम होने की उम्मीद है. प्रस्तावित सड़क पर वाहनों की अधिकतम रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखने की योजना बताई गई है.


भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है.


140 छोटे पुल और 21 हाई लेवल ब्रिज

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जाने हैं. परियोजना में करीब 140 छोटे पुल, 21 हाई लेवल ब्रिज और 11 रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने की योजना है.


इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर करीब 21 इंटरचेंज और 322 अंडरपास प्रस्तावित हैं. इन सुविधाओं के जरिए आसपास के इलाकों से एक्सप्रेसवे पर आने-जाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी.


दिघवारा से डगरूआ तक बनेगा कॉरिडोर

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित मार्ग सारण जिले के दिघवारा से शुरू होकर पूर्णिया जिले के डगरूआ तक जाएगा. इस मार्ग पर करीब 21 इंटरचेंज बनाए जाने की जानकारी है.


पूर्णिया जिले में अकेले करीब 8 इंटरचेंज प्रस्तावित हैं. इसके अलावा पूर्णिया एयरपोर्ट को भी इस एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी देने की योजना है. यह एक्सप्रेसवे वैशाली क्षेत्र में आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा.


रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे

नेपाल सीमा के पास स्थित रक्सौल से पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह तक प्रस्तावित रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे भी बिहार के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है. करीब 585 से 600 किलोमीटर लंबे इस 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा हिस्सा बिहार में पड़ने की योजना है.


बिहार में इसकी लंबाई करीब 406 किलोमीटर बताई गई है. इसके अलावा झारखंड में करीब 90 किलोमीटर और पश्चिम बंगाल में करीब 90 से 100 किलोमीटर हिस्सा रहने की जानकारी है.


इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 40 हजार करोड़ रुपये बताई गई है और इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.


रक्सौल से हल्दिया तक आसान होगा सफर

रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद नेपाल सीमा से पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह तक सड़क संपर्क बेहतर होगा. रक्सौल और हल्दिया के बीच यात्रा का समय करीब 10 घंटे तक आने का अनुमान है.


इस मार्ग का इस्तेमाल माल ढुलाई और परिवहन के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है. एक्सप्रेसवे से जुड़े इलाकों में व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.


गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे

गोरखपुर-सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी बिहार की बड़ी सड़क परियोजनाओं में शामिल है. बिहार में इस एक्सप्रेसवे का करीब 416 किलोमीटर हिस्सा होगा.


यह एक्सप्रेसवे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जिलों से होकर गुजरने की योजना है.


पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 37,465 करोड़ रुपये बताई गई है. इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखने की योजना है.


यूपी से पूर्वोत्तर तक तेज होगा सड़क संपर्क

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के बनने के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा. प्रस्तावित मार्ग उत्तर प्रदेश के गोरखपुर को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जोड़ेगा.


इससे बिहार के उन जिलों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है, जहां से होकर यह एक्सप्रेसवे गुजरेगा. लंबी दूरी के यातायात के साथ माल परिवहन के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण हो सकता है.