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बिहार : फिर खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, बंध्याकरण के बाद दर्जनों मरीजों को फर्श पर लिटाया

HAJIPUR : अपने कारनामे को लेकर हमेशा चर्चा में बने रहनेवाला बिहार का स्वास्थ्य महकमा एक बार फिर अपनी कारगुजारियों के कारण सुर्खियों में हैं। मामला हाजीपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य

बिहार : फिर खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, बंध्याकरण के बाद दर्जनों मरीजों को फर्श पर लिटाया
Mukesh Srivastava
2 मिनट

HAJIPUR : अपने कारनामे को लेकर हमेशा चर्चा में बने रहनेवाला बिहार का स्वास्थ्य महकमा एक बार फिर अपनी कारगुजारियों के कारण सुर्खियों में हैं। मामला हाजीपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का है। जहां मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है।


यहां परिवार नियोजन के अंतर्गत ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जानवरों की तरह जमीन पर लिटा दिया गया था। जिस कमरे में मरीजों को रखा गया गया था वहां कचरे का अंबार लगा था। जिसको लेकर लोग स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।


दरअसल, परिवार नियोजन योजना के अंतर्गत ऑपरेशन के लिए आसपास के इलाके से महिलाओं को PHC में बुलाया था। शुक्रवार को 11 महिलाओं का परिवार नियोजन का ऑपरेशन किया तो गया लेकिन, ऑपरेशन के बाद दर्द से कराहती महिलाओं को बेड की बजाए स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें कचरे से भरे एक कमरे में जमीन पर लिटा दिया।


महिलाओं का ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर एक एएनएम के सहारे पूरे अस्पताल को छोड़कर फरार हो गई। थोड़ी देर बाद एएनएम भी मौके से फरार हो गई। जब इस बात की जानकारी जिले के सिविल सर्जन को मिली तो स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। 


पूरे मामले पर वैशाली सिविल सर्जन अखिलेश मोहन ने कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी हाल में बर्दास्त नहीं की जाएगी। सिविल सर्जन ने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाएं जाएंगे उनपर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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