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Bihar News : 7 दिन पहले आवेदन, फिर मुख्यालय और DM की मंजूरी... बिहार में छुट्टी के नियम पूरी तरह बदले

बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने अधिकारियों की छुट्टी के नियम बदल दिए हैं। अब अवकाश लेने से पहले पटना मुख्यालय की मंजूरी, डीएम की अनुमति और 7 दिन पहले डिजिटल आवेदन अनिवार्य होगा।

Bihar News : 7 दिन पहले आवेदन, फिर मुख्यालय और DM की मंजूरी... बिहार में छुट्टी के नियम पूरी तरह बदले
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar News : बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने अधिकारियों की छुट्टी को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब विभाग के किसी भी अधिकारी को अवकाश पर जाने से पहले राज्य मुख्यालय से अनिवार्य रूप से अनुमति लेनी होगी। इतना ही नहीं, मुख्यालय की स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित जिले के जिलाधिकारी (DM) से भी मुख्यालय छोड़ने की अनुमति लेना जरूरी होगा। विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना है।


विभागीय सचिव की ओर से जारी निर्देश के अनुसार यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। स्पष्ट कर दिया गया है कि मुख्यालय की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार की छुट्टी मान्य नहीं होगी। इससे पहले कई मामलों में अधिकारी सीधे अवकाश पर चले जाते थे, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती थीं। नई व्यवस्था के बाद ऐसी स्थिति पर रोक लगाने की कोशिश की गई है।


इन अधिकारियों पर लागू होगा नया नियम

नई व्यवस्था बिहार निबंधन सेवा और बिहार मद्य निषेध सेवा के अधिकारियों पर लागू होगी। इसके दायरे में सहायक निबंधन महानिरीक्षक, मद्यनिषेध उपायुक्त, जिला अवर निबंधक, अवर निबंधक, मद्यनिषेध सहायक आयुक्त और मद्यनिषेध अधीक्षक सहित सभी संबंधित अधिकारी शामिल हैं। विभाग ने साफ किया है कि इन सभी अधिकारियों को छुट्टी लेने से पहले राज्य मुख्यालय की अनुमति प्राप्त करनी होगी। बिना मंजूरी के अवकाश पर जाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।


छुट्टी के बाद भी पूरी करनी होगी एक और प्रक्रिया

सिर्फ मुख्यालय की मंजूरी मिल जाना ही पर्याप्त नहीं होगा। अधिकारी को अपने कार्यस्थल से बाहर जाने से पहले संबंधित जिले के जिलाधिकारी से भी अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा मुख्यालय को भी यह सूचना देनी होगी कि अधिकारी अवकाश पर जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से अधिकारियों की वास्तविक उपलब्धता पर नजर रखना आसान होगा और किसी भी प्रशासनिक आवश्यकता की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने में भी सुविधा मिलेगी।


सात दिन पहले करना होगा आवेदन

नई गाइडलाइन के तहत छुट्टी लेने के लिए अधिकारियों को कम से कम सात दिन पहले आवेदन करना होगा। आवेदन केवल डिजिटल माध्यम से स्वीकार किया जाएगा। हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपातकालीन या विशेष परिस्थितियों में अलग व्यवस्था अपनाई जा सकती है। डिजिटल आवेदन प्रणाली लागू होने से छुट्टी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रिकॉर्ड में रहेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अवकाश स्वीकृति की निगरानी भी आसान होगी।


क्यों लिया गया यह फैसला?

विभाग का मानना है कि अधिकारियों की समय पर उपलब्धता प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। कई बार बिना समुचित सूचना के अधिकारियों के अवकाश पर चले जाने से विभागीय कामकाज प्रभावित होता है। इसी को देखते हुए छुट्टी की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का निर्णय लिया गया है।


नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब अधिकारी पहले राज्य मुख्यालय से अनुमति प्राप्त करेंगे, फिर जिलाधिकारी से मुख्यालय छोड़ने की मंजूरी लेंगे और उसके बाद ही अवकाश का लाभ उठा सकेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से विभागीय अनुशासन मजबूत होगा और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगी।