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BIHAR ELECTION : अनंत के विरोधियों को साथ बैठाकर हो रही गोलबंदी, नेता जी तैयार कर रहे नया समीकरण

BIHAR ELECTION : नेता जी के आवास पर सोनू की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इनलोगो से मुलाकात के पीछे क्या राजनीतिक रणनीति छिपी है?

BIHAR ELECTION
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Tejpratap
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5 मिनट

BIHAR ELECTION : बिहार में अगले कुछ महीनों में विधानसभा का चुनाव है। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें एक सीट मोकामा विधानसभा की भी है। अब तारीखों के ऐलान और सीट बंटवारे से पहले ही इस सीट को लेकर रस्साकशी तेज हो गई है। इसकी वजह यह है कि इस सीट की पहचान दबंग सीट के रूप में होती है। ऐसे में हर कोई इस सीट को जीतकर यह दिखाना चाहता है कि असली पावर उसी के पास है। ऐसे में बयानबाजी भी इस सीट को लेकर खूब हो रही है। लेकिन इन तमाम चीजों के इतर अब जो बात सामने आई है, उससे एक पार्टी के अंदर खलबली मचना तय माना जा रहा है।


खबर यह है कि मोकामा के इलाके में पिछले दिनों पूर्व विधायक अनंत सिंह का भिड़ंत एक नए-नवेले युवा, जिसका नाम सोनू और मोनू बताया जाता उससे हुआ था। मामला कोर्ट तक पहुंचा और वहां से अनंत सिंह को कुछ महीनों के लिए जेल भेजा गया। इसके बाद अब सोनू -मोनू दो भाई में एक भाई एक नेता जी के आवास पर बैठकर गप्पे लड़ते नजर आ रहा है। जबकि न्यायालय ने उसे गोलीबारी कांड मामले में सजा सुनाई थी और उसका बड़ा भाई कई मामलों में आरोपी है। बिहार STF की टीम ने उसे कुछ महीने पहले ही गिरफ्तार किया था। इसके बाद अब जो तस्वीर सामने आई है, वह अलग कहानी कह रही है।


मालूम हो कि मोकामा को लेकर सोनू-मोनू गोलीकांड की खबरें जरूर याद होंगी। यदि नहीं याद हो तो बता दें कि मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह AK-47 मामले में कोर्ट से रिहा हुए थे और अपने इलाके में रोड शो कर रहे थे। इसी बीच नौरंगा गांव के जैतपुर पंचायत के निवासी मुकेश सिंह ने मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह से मदद की गुहार लगाई थी कि जैतपुर के रहने वाले सोनू-मोनू दो भाई उनके ऊपर अत्याचार कर रहे हैं। इसके बाद मोकामा के पूर्व विधायक, जो अपने रॉबिनहुड स्टाइल के लिए जाने जाते हैं, अपने काफिले के साथ सोनू-मोनू के गांव पहुंचे और बातचीत शुरू हुई। लेकिन कुछ ही मिनटों में यह बातचीत विवाद में बदल गई और फिर जमकर गोलीबारी हुई।


इसके बाद अब जो वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया है, उसमें नेता जी के आवास पर सोनू-मोनू गैंग के सोनू बैठे नजर आ रहे हैं और दोनों के बीच लंबी बातचीत भी हो रही है। जबकि यह वही नेता जी हैं जो अपने इलाके के पूर्व विधायक को लेकर कहते हैं कि उनकी छवि अपराधी की है। ऐसे में जब कोर्ट की तरफ से गोलीबारी करने के मामले में सोनू-मोनू का नाम आया है, तो फिर कहीं न कहीं उन पर भी यह दाग लगता है कि उनकी भी ऐसी ही छवि है। सवाल यह है कि नेता जी ऐसे लोगों को क्यों अपने आवास पर बैठाकर मुलाकात कर रहे हैं।


जबकि सोनू-मोनू किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं हैं। यह हो सकता है कि उनकी भावना नेता जी के साथ हो, लेकिन वे किसी राजनीतिक दल के सक्रिय एजेंट नहीं हैं। वे एक आम व्यापारी हैं। हालांकि, इनके ऊपर कई मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद यदि  नेता जी उनसे मुलाकात कर रहे हैं तो यह समझ से परे है कि आखिर इसके पीछे की वजह क्या है।


सूत्र बताते हैं कि सोनू-मोनू की पकड़ इस इलाके के सबसे बड़े नेता के साथ है। ऐसे में जब उनकी पकड़ सीधे बड़े नेता के साथ है, तो नेता जी के पास जाकर कोई बड़ा राजनीतिक कार्य करवाने की गुंजाइश कम ही है। हां, यह जरूर हो सकता है कि वे अपने ग्रामीण इलाके में मोकामा के पूर्व विधायक का खेल थोड़ा खराब कर सकते हैं। ऐसे में यदि नेता जी उनके साथ गोलबंदी कर रहे हैं,तो इलाके में चर्चा यह है कि नेता जी को शांत करवाने के लिए इनका सहारा लिया जाए।


बहरहाल, बातें जो भी हों, लेकिन जो तस्वीर सामने आई है उसके बाद से अनंत की चिंता तो बढ़ ही सकती है। लेकिन यदि इस मामले में इलाके के बड़े नेता का हस्तक्षेप हुआ नेता जी की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। क्योंकि इलाके में यह चर्चा तेज है कि अब पोस्टर-बैनर और सरकारी विज्ञापन से भी नेता जी को साइड किया जा रहा है। उन्हें संकेत दिया जा रहा है कि वे मौन रहकर अपना समर्थन प्रदान करें, वरना जिन शब्दों का इजाद उन्होंने किसी दूसरे के लिए किया था, वही उन पर भी लागू हो सकते हैं।

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Tejpratap

रिपोर्टर / लेखक

Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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