Bihar News: बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड के केवलाशी गांव में परमान नदी पर बना कौआचार पुल का एक स्पैन नदी में धंस गया है। इस हादसे के बाद फारबिसगंज, पटेगना और आसपास के कई गांवों का संपर्क टूट गया है। पहले चरण के मतदान से ठीक पहले पुल धंसने की इस घटना ने राजनीतिक गर्मी बढ़ा दी है।
ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि परमान नदी पर लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से चार स्पैन का पुल बनाया गया था, जिसमें से एक पिलर नदी में धंस गया है। पुल के ध्वस्त होने से न केवल आवागमन बाधित हुआ है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
यह पुल वर्ष 2019 में निर्मित किया गया था और तब से यह क्षेत्र के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग रहा है। करोड़ों की लागत से बने पुल का पाया धंस जाने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है, वहीं विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया है।
कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला है। पार्टी ने अपने एक्स हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा “नीतीश-मोदी का भ्रष्टाचार देख लीजिए! 2022 में करोड़ों रुपये लगाकर अररिया में एक पुल बना और अब यह ढह गया। तीन साल भी पुल नहीं चल पाया। यह NDA का फर्जी विकास है। जनता सब देख रही है, अब वोट से चोट करेगी।”
बता दें कि इससे पहले 18 जून 2024 को अररिया के सिकटी प्रखंड में 12 करोड़ रुपये की लागत से बकरा नदी पर बना पुल उद्घाटन से पहले ही गिर गया था। अब दोबारा तीन साल के भीतर ही एक और पुल धंसने से निर्माण की गुणवत्ता और सरकारी निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।





