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Bihar Teachers News: एस. सिद्धार्थ के सिस्टम में लग गयी सेंध, अब टीचर के साथ हेडमास्टर सीधे होंगे सस्पेंड, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

Bihar Teachers News: बिहार के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव तकनीक का सहारा ले रहे हैं. इंटरनेट, मोबाइल और कम्प्यूटर के सहारे सारी निगरानी की जा रही है. लेकिन एस. सिद्धार्थ के सिस्टम में सेंध लग गयी है.

Bihar Teachers News
शिक्षा विभाग ने पकड़ी शिक्षकों की चालाकी
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Mukesh Srivastava
5 मिनट

Bihar Teachers News: (Bihar Education Department)  बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस. सिद्धार्थ राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए तकनीक का सहारा ले रहे हैं. स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति हो या फिर पठन-पाठन की स्थिति. या फिर मिड डे मील का वितरण. एस. सिद्धार्थ ने तमाम व्यवस्था की निगरानी के लिए मोबाइल, कम्प्यूटर से लेकर इंटरनेट का सिस्टम तैयार किय़ा है. लेकिन उनके सिस्टम में सेंध लग गयी है. ऐसे में शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे दी है.


हेराफेरी कर रहे हैं शिक्षक

दरअसल, शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नय़ी व्यवस्था लागू की है. इसके तहत हर शिक्षक को समय से स्कूल पहुंच कर ई शिक्षा कोष पोर्टल पर अपनी तस्वीर के साथ हाजिरी बनानी होती है. इसके साथ ही स्कूल की छुट्टी होने के बाद वापस जाते समय भी शिक्षकों को पोर्टल पर अपना अटेंनडेंस बनाना है. लेकिन इसमें बड़ी गड़बड़ी हो रही है.


शिक्षा विभाग की समीक्षा में पकड़ी गयी हेराफेरी

ई शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों को विद्यालय में आने और जाते समय अपनी हाजरी दर्ज करने की पाबंदी के बावजूद भी राज्य के हजारों स्कूलों में शिक्षक समय पर नहीं पहुंच रहे हैं. हजारों की तादाद में शिक्षक मध्यांतर के बाद स्कूल छोड़ कर चले जा रहे हैं. शिक्षा विभाग ने पाया है कि हजारों शिक्षक ऐसे हैं जो स्कूल से जाते समय ई शिक्षाकोष पोर्टल पर अहनी हाजरी नहीं बना रहे हैं.


स्कूल के बाहर से बना दे रहे हाजरी

शिक्षा विभाग द्वारा ई शिक्षाकोष पोर्टल की जांच पड़ताल के बाद ऐसे कई मामले  उजागर हुए हैं. शिक्षकों का हाल ये है कि ढेर सारे स्कूलों में शिक्षक-शिक्षिकाएं विद्यालय पहुंचने के बजाय बाहर से ही हाजरी बना कर फोटो अपलोड कर दे रहे हैं. जीपीएस लोकेशन की ट्रेकिंग में उनके कारनामे का खुलासा हुआ है.


अब सख्ती बरतेगा शिक्षा विभाग

शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शुरूआती दौर पर ई शिक्षाकोष पोर्टल पर हाजरी बनाने में कई जगहों पर टेक्नीकल समस्या सामने आ रही थी. लिहाजा सरकार ने शिक्षकों को कुछ छूट दे दी थी. लेकिन अब ई शिक्षाकोष पोर्टल को पूरी तरह दुरूस्त कर लिया गया है. इससे हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं के कारमाने उजागर हुए हैं.


हेडमास्टर पर गिरेगी गाज

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ साथ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में अब इस मामले में सख्ती बरतने का निर्देश दिया है. शिक्षा विभाग का मानना है कि हाजिरी बनाने में शिक्षकों की इस मनमानी और अनुशासनहीनता में उस स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापकों की भी संलिप्तता है. अगर कोई शिक्षक हाजिरी बनाने में हेराफेरी कर रहा है या फिर समय से पहले स्कूल से चला रहा है तो हेडमास्टर का काम है कि इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाये.


सीधे सस्पेंड होंगे हेडमास्टर

ऐसे में अब शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि अब से  जिस विद्यालय में इस तरह के मामले पाए जाएंगे, उसकी सारी जवाबदेही उस विद्यालय के प्रभारी या प्रधानाध्यापक की होगी और ऐसे में मामलों में  उन्हें निलंबित करने की करवाई की जाएगी. राज्य के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों ने अपने प्रखंड के सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी या प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर दिया है.


प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के साथ साथ जिला शिक्षा पदाधिकारियों की ओर से भी पत्र जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि ई शिक्षाकोष पोर्टल के अवलोकन से पता चल रहा है कि कई शिक्षक समयावधि से पूर्व विद्यालय छोड़कर चले जा रहे हैं या फिर अन्यत्र जगह से अपनी उपस्थिति इन और आउट कर रहे हैं.


ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह निर्देश प्राप्त हुआ है, कि इस तरह के मामले में उस विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक पर करवाई की जाये. इसका कारण ये कि ऐसे शिक्षकों के विरुद्ध प्रधानाध्यापक द्वारा विभाग को सूचित नहीं किया जाता है, जो शिक्षकों की इस कृत्य में उनकी संलिप्तता को उजागर करता है. विभागीय निर्देश के आलोक में इस तरह के स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई शुरू की जायेगी.

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रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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