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बिहार : कलेक्टरेट में कौन पीता है शराब, ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की बोतलें मिली

SAMSTIPUR : बिहार में शराबबंदी कानून लागु है। लेकिन इसके बाबजूद राज्य में इस कानून का सूरत -ए- हाल क्या है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। इसका एक उदाहरण पिछले दिनों सारण में देखने को

बिहार : कलेक्टरेट में कौन पीता है शराब, ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की बोतलें मिली
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

SAMSTIPUR : बिहार में शराबबंदी कानून लागु है। लेकिन इसके बाबजूद राज्य में इस कानून का सूरत -ए- हाल क्या है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। इसका एक उदाहरण पिछले दिनों सारण में देखने को मिला जहां शराबबंदी होने के बाबजूद लगभग 70 लोगों की जान गई। हालांकि, सरकारी डाटा में यह संख्या 50 के नीचे है।  लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है की आखिकार शराबबंदी वाले राज्य में शराब मुहैया कैसे हो रही है। इसी कड़ी में अब एक ताजा मामला बिहार के समस्तीपुर से निकल कर सामने आ रहा है। यहां कलेक्टरेट में खाली शराब की बोतलें मिली है। 


मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के समस्तीपुर समाहरणालय परिसर में खाली शराब की बोतलें मिली है। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि जिस परिसर में डीएम, एसपी से लेकर जिले के तमाम वरीय पदाधिकारी सरकारी योजनाओं और कानून को एग्जीक्यूट करने के लिए बैठते हो, अब उसी परिसर से शराब की बोतल मिली हैं। जिसक बाद इस बात की चर्चा तेज है कि, आखिर ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की बोतल इस परिसर में कैसे आ गई ? जहां दिन भर अधिकारियों और कर्मचारियों की चहल-पहल होती है। जबकि, इस जगह पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिए हर गेट पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। 


वहीं, इस मामले पर उत्पाद अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार चौधरी ने कहा कि, इस तरह का कोई भी मामला उनके संज्ञान में नही है। अभी ही मीडिया के द्वारा उन्हें जानकारी मिली है। इसकी जांच करायी जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब देखना है कि इस मामले पर जिला प्रशासन क्या कुछ कार्रवाई करता है। 


गौरतलब हो कि, बिहार में शराबबंदी कानून को लागू हुए 6 वर्ष से अधिक बीत चुके हैं। सरकार और प्रशासन के द्वारा लगातार शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के दावे भी किए जा रहे हैं। शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को शराब न पीने की शपथ भी दिलाई गई थी। लेकिन, इसके बाबजूद इस तरह का मामला सवालिया निशान खड़ा करता है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RAMESH SHANKAR

FirstBihar संवाददाता