Bihar weather: बिहार में पछुआ हवा के असर से ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। नए साल की शुरुआत के साथ ही प्रदेश के लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रही बर्फबारी के कारण वहां से आ रही सर्द पछुआ हवाओं ने बिहार के मौसम को और ज्यादा ठंडा कर दिया है। इसका सीधा असर राज्य के तापमान पर देखा जा रहा है। दिन और रात दोनों समय तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार बिहार के कई जिलों में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी हुई है। कोल्ड डे की स्थिति तब मानी जाती है, जब दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक कम हो जाता है। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, पूर्णिया और सहरसा समेत कई जिलों में दिन के समय भी ठंड का अहसास बना हुआ है। धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवा चलने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पछुआ हवा की रफ्तार बढ़ने से ठंड का असर और तेज हो गया है। सुबह और शाम के समय कोहरे की स्थिति भी बनी रह रही है, जिससे दृश्यता कम हो जा रही है। कई इलाकों में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहता है, वहीं कुछ स्थानों पर घना कोहरा भी देखने को मिल रहा है। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई ट्रेनों के परिचालन में देरी हो रही है, जबकि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है।
राज्य में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। वहीं अधिकतम तापमान भी 15 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से काफी कम है। दिन और रात के तापमान में अंतर कम होने के कारण ठंड ज्यादा चुभन भरी महसूस हो रही है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक बिहार में ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। पछुआ हवा का प्रभाव बना रहेगा और उत्तर-पश्चिमी दिशा से ठंडी हवाएं लगातार प्रदेश में प्रवेश करती रहेंगी। इस दौरान कुछ जिलों में कोल्ड डे की स्थिति जारी रह सकती है, जबकि रात के समय शीतलहर जैसे हालात बनने की भी आशंका है। विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।
ठंड बढ़ने के कारण जनजीवन पर इसका सीधा असर दिख रहा है। सुबह के समय लोग घरों से निकलने में हिचकिचा रहे हैं। अलाव की मांग बढ़ गई है, खासकर ग्रामीण इलाकों और शहरी बस्तियों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। बाजारों में भी गर्म कपड़ों की बिक्री में तेजी देखी जा रही है। स्वेटर, जैकेट, शॉल और कंबल की मांग बढ़ गई है।
ठंड का असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी पड़ रहा है। कई जिलों में प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, जबकि कुछ जगहों पर प्राथमिक कक्षाओं को बंद रखने का फैसला लिया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने और ठंडी हवा से बचने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, बिहार में पछुआ हवा के चलते ठंड का दौर अभी जारी रहने वाला है। अगले चार दिनों तक लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ेगी और मौसम में किसी बड़ी राहत की उम्मीद फिलहाल नहीं है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही ठंड से बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।






