Bihar Politics : बिहार की राजनीति इन दिनों एक बार फिर गरमाई हुई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्पष्ट किया है कि - बिहार में सत्ता परिवर्तन कब होने जा रहा है और भाजपा यहां कब अपना मुख्यमंत्री बना रही है ? इसके साथ ही कहीं कोई मतभेद चल रहा है किसी बात को लेकर या नहीं? नितीन नवीन ने साफ़ -साफ़ शब्दों में कहा है कि- पहली बात तो यह कि हमारे गठबंधन के भीतर किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है और सभी निर्णय तय प्रक्रिया के अनुसार ही आगे बढ़ रहे हैं। इसके बाद रही तारीख की बात तो वह भी जानकारी जल्द दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने इशारों ही इशारों में बता दिया की अगला सीएम कौन होगा।
मीडिया से बातचीत के दौरान नितिन नवीन ने कहा कि बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद जो भी राजनीतिक प्रक्रिया होगी, वह उसी के अनुरूप आगे बढ़ेगी। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसमें किसी तरह की असहजता या टकराव की स्थिति नहीं है।
नितिन नवीन ने यह भी स्पष्ट किया कि NDA में सभी दल “गठबंधन धर्म” का पूरी ईमानदारी से पालन कर रहे हैं। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी हमेशा से अपने सहयोगी दलों के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखने में विश्वास करती रही है। यही वजह है कि आज भी NDA में शामिल दलों का भरोसा भाजपा पर कायम है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की मजबूती ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है और सभी फैसले आपसी सहमति से लिए जाते हैं।
मुख्यमंत्री फेस को को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने सीधे तौर पर किसी नाम का दावा नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा कि सभी चीजें समय के अनुसार तय होंगी। उन्होंने दोहराया कि जो भी निर्णय होगा, वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में तय दिशा के अनुसार ही होगा। इससे साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल NDA नेतृत्व में कोई बदलाव बिना नीतीश कुमार की सहमती के नहीं होने जा रहा है। ऐसे में नीतीश कुमार के तरफ से सीएम फेस को लेकर किस चेहरा को सबसे आगे किया जा रहा है वह अब शायद ही किसी से छुपा हुआ हो यानी साफ़ -साफ़ शब्दों में कहें तो बिहार में सीएम की कुर्सी पर अगला चेहरा सम्राट चौधरी ही होने जा रहे हैं और यह लगभग तय हो गया है बस औपचारिक एलान होना बाकी रह गया है।
वहीं, जब NDA के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती के बारे में नितिन नवीन से पूछा गया, तो नितिन नवीन ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी की सोच ही देश और राजनीति के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उनके अनुसार, कांग्रेस के पास जमीनी स्तर पर कोई ठोस आधार नहीं बचा है, लेकिन उनकी राजनीति तुष्टीकरण और भ्रामक बयानबाजी पर आधारित है।
नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस जिस प्रकार की भाषा और मानसिकता का प्रदर्शन करती है, वह देशहित में नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष मुद्दों से भटककर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करता है, जबकि NDA विकास और स्थिरता की राजनीति में विश्वास रखता है।
बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। खासकर उस समय, जब राज्य में सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हैं। हालांकि NDA नेताओं के बयान से यह साफ होता है कि फिलहाल गठबंधन में सब कुछ नियंत्रण में है और कोई बड़ा मतभेद नहीं है। अब सभी की नजरें 10 अप्रैल पर टिकी हैं, जब नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेंगे। इसके बाद ही बिहार की राजनीति में अगले कदम को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।





