Bihar Chunav 2025 : पटना में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। शनिवार को राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की अहम बैठक हुई है। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ संगठन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। बैठक में रणविजय साहू, अली अशरफ फातमी, जयप्रकाश नारायण यादव और रामचंद्र पूर्वे सहित प्रदेश के तमाम जिलों से आए प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक आगामी विधानसभा चुनाव के लिए INDIA गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अंतिम रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई है। पार्टी नेतृत्व सभी वरिष्ठ नेताओं से उनके क्षेत्रीय समीकरण और स्थानीय स्तर पर मजबूत उम्मीदवारों के नाम पर सुझाव ले रहा है। बताया जा रहा है कि जिन सीटों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है, वहां पर विकल्पों पर चर्चा चल रही है।
बैठक के दौरान तेजस्वी यादव ने नेताओं से कहा कि इस बार चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ना है और हर सीट पर संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करना होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गठबंधन के भीतर कुछ सीटों पर समझौता मुश्किल हो रहा है, लेकिन बातचीत के ज़रिए समाधान निकाल लिया जाएगा।
बैठक खत्म होने के बाद तेजस्वी यादव के शाम तक दिल्ली रवाना होने की संभावना है, जहां वे कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करेंगे। दिल्ली में INDIA गठबंधन के बीच सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम रूप देने की कोशिश होगी। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में विपक्षी गठबंधन की सीटों का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
दूसरी ओर, जेडीयू और कांग्रेस के भीतर भी बैठकों का दौर जारी है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस बिहार में लगभग 60 सीटों की मांग पर अड़ी है, जबकि आरजेडी 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। ऐसे में कुछ सीटों को लेकर अब भी टकराव की स्थिति बनी हुई है।
हालांकि, पार्टी सूत्रों का दावा है कि लालू यादव और तेजस्वी यादव दोनों ही गठबंधन को लेकर बेहद गंभीर हैं और किसी भी कीमत पर विपक्षी एकता को टूटने नहीं देंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले दिनों में आरजेडी प्रदेशभर में संयुक्त जनसभाओं और प्रखंड स्तर पर सम्मेलन आयोजित करेगी, ताकि कार्यकर्ताओं में चुनावी उत्साह बढ़ाया जा सके।
इस तरह, पटना से लेकर दिल्ली तक RJD की चुनावी रणनीति पूरी रफ़्तार में है और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि INDIA गठबंधन में सीट बंटवारे की गुत्थी आखिर कब सुलझेगी।






