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BIHAR NEWS : BSFC ने PDS गोदामों ने इन लोगों की एंट्री पर लगाई रोक, SMS से दी जाएगी पूरी जानकारी

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (BSFC) पंकज कुमार ने राज्यभर के जिला प्रबंधकों को सख्त निर्देश जारी किया है।

बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड
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Tejpratap
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BIHAR NEWS : बिहार सरकार ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (BSFC) पंकज कुमार ने राज्यभर के जिला प्रबंधकों को सख्त निर्देश जारी किया है। निर्देश के मुताबिक अब निगम के किसी भी गोदाम पर जन वितरण प्रणाली (PDS) विक्रेताओं और अन्य अनधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति पर पूरी तरह रोक रहेगी। उन्होंने साफ किया कि यदि इस आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों पर आवश्यक अग्रेतर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।


BSFC ने सभी जिला प्रबंधकों और गोदाम प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि निगम के गोदामों पर सिर्फ अधिकृत कर्मी ही प्रवेश करें। PDS विक्रेताओं को या किसी बाहरी व्यक्ति को गोदाम परिसर में मौजूद रहने की अनुमति नहीं होगी। निगम का मानना है कि अनधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है और वितरण प्रणाली में गड़बड़ी की आशंका बढ़ाती है।


वर्तमान समय में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड ने खाद्यान्न निर्गत (dispatch) की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। गोदाम से खाद्यान्न की निकासी की जानकारी अब PDS विक्रेताओं और अन्य संबंधितों को SMS के जरिए वास्तविक समय (Real Time Basis) पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि विक्रेताओं को पहले से ही पता रहे कि उनके लिए कितनी मात्रा में अनाज भेजा जा रहा है और वह कब तक पहुंचेगा।


राज्य में खाद्यान्न का आवंटन और वितरण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसके तहत केंद्र सरकार से राज्य को मिलने वाला अनाज पहले केंद्रीय पूल से उठाव (Lifting) किया जाता है। इसके बाद यह अनाज बिहार राज्य खाद्य निगम को प्राप्त होता है और फिर निगम के गोदामों से जन वितरण प्रणाली के लिए आगे भेजा जाता है। सरकार ने वर्ष 2016 में "डोर-स्टेप डिलीवरी योजना" लागू की थी। इस योजना का मकसद था कि गोदामों से अनाज सीधे PDS दुकानों तक पहुंच सके और बीच में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। इसी योजना के आलोक में राज्य में "आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन व्यवस्था" (Supply Chain Management System) लागू की गई। इस व्यवस्था के तहत खाद्यान्न की आवाजाही पूरी तरह रिकॉर्ड और निगरानी में रहती है।


पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए निगम ने विशेष व्यवस्था भी की है। अब गोदामों से खाद्यान्न का निर्गत और ढुलाई GPS व लोडसेल युक्त वाहनों से की जाती है। GPS की मदद से वाहनों की वास्तविक समय में ट्रैकिंग होती है, जबकि लोडसेल तकनीक से यह सुनिश्चित किया जाता है कि वाहन में भरा गया वजन निर्धारित मात्रा से मेल खाता है या नहीं। इससे किसी भी तरह की चोरी या हेरफेर की संभावना लगभग खत्म हो जाती है।बिहार सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और जरूरतमंद लाभुकों तक सही मात्रा में अनाज पहुंचे। निगम का मानना है कि गोदामों पर अनधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति रोकने और SMS आधारित सूचना प्रणाली लागू करने से बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।


निगम ने साफ किया है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या आदेश उल्लंघन की घटना सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे यह संदेश भी गया है कि सरकार इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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