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Bihar Revenue Reforms : जमीन से जुड़े काम होंगे आसान! अब हर अंचल कार्यालय में बैठेंगे डिजिटल सहायक, मिलेगी तुरंत ऑनलाइन सेवा

बिहार सरकार ने आम लोगों को भूमि और राजस्व से जुड़ी ऑनलाइन सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब हर अंचल कार्यालय में CSC के चयनित VLE बैठेंगे, जो लोगों को दाखिल-खारिज, परिमार्जन सहित सभी ऑनलाइन सेवाओं में मदद करेंगे।

Bihar Revenue Reforms : जमीन से जुड़े काम होंगे आसान! अब हर अंचल कार्यालय में बैठेंगे डिजिटल सहायक, मिलेगी तुरंत ऑनलाइन सेवा
Tejpratap
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Bihar Revenue Reforms : आम लोगों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Revenue and Land Reforms Department) की ऑनलाइन सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है। विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है कि कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) द्वारा चयनित विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर (VLE) के लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय में उचित जगह उपलब्ध कराई जाए। इससे उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी जो जमीन से जुड़ी सेवाओं के लिए ऑनलाइन सिस्टम का पूरा लाभ नहीं उठा पाते और सीधे अंचल कार्यालयों का रुख करने को मजबूर होते हैं।


डिजिटल सेवाओं के बावजूद लोगों को होती है दिक्कत

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में लगभग सभी राजस्व सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। दाखिल-खारिज, परिमार्जन, एलपीसी, भूमि विवरण, दाखिल दखल, राजस्व रसीद, जमीन से संबंधित प्रमाण पत्र सहित कई सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग इंटरनेट, पोर्टल और डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव में ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई महसूस करते हैं।


ग्रामीण इलाकों में डिजिटल साक्षरता की कमी और तकनीकी दिक्कतों के कारण आम लोग अक्सर सीधे अंचल कार्यालय पहुंच जाते हैं, जहां उन्हें कई बार लंबी कतारों, फॉर्म भरने में सहायता की कमी और अन्य तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।


अब हर अंचल में बैठेगा चयनित VLE, मिलेगा तुरंत सहयोग

लोगों की इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने निर्णय लिया है कि अब हर अंचल कार्यालय में एक चयनित वीएलई मौजूद रहेगा। ये वीएलई वही होंगे जिन्हें कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) द्वारा चयनित किया गया है। लोगों को ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड, दाखिल-खारिज से जुड़े कार्य, परिमार्जन, प्रमाण पत्र डाउनलोड, भुगतान जैसी हर सेवा में यह वीएलई मदद करेगा। इससे उन नागरिकों को लाभ मिलेगा जो स्मार्टफोन, कंप्यूटर या इंटरनेट के माध्यम से आवेदन करने में सहज नहीं हैं। अब वे सीधे अंचल कार्यालय में जाकर वीएलई की सहायता से अपनी ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।


अंचल कार्यालय देंगे जगह, उपकरण देगा CSC

अपर मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार वीएलई को बैठने के लिए जगह उपलब्ध कराना अंचल कार्यालय की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए किसी अतिरिक्त बजट या संसाधनों की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं दूसरी ओर कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, इंटरनेट और अन्य उपकरणों की व्यवस्था CSC करेगा। सीएससी की यही व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि राज्य के सभी अंचलों में जल्द से जल्द वीएलई अपनी सेवा शुरू कर सकें और आम लोगों को दौड़भाग से मुक्ति मिले।


VLE को तय दर पर मिलेंगी सेवाएं, सलाहकार का भी काम करेंगे

वीएलई सभी सेवाओं के लिए तय दर पर शुल्क लेंगे, जिसकी सूची अंचल कार्यालय में प्रदर्शित करनी होगी। कोई व्यक्ति यह समझ सके कि किस ऑनलाइन काम के लिए कितना शुल्क लगेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और मनमानी वसूली की शिकायतें नहीं होंगी। इसके अलावा वीएलई जरूरत पड़ने पर आम लोगों को सलाहकार की तरह भी मार्गदर्शन देंगे किस सेवा के लिए कौन सा दस्तावेज जरूरी है। 


ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

सुधार, अपील या दाखिल-खारिज से जुड़ी कानूनी बारीकियां इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता भी बढ़ेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 नवंबर से, 537 अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि वीएलई को राजस्व सेवाओं और विभागीय प्रक्रियाओं की सही समझ देने के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 नवंबर 2025 से शुरू किया गया है। राज्य के सभी 537 अंचलों के वीएलई को दिसंबर 2025 के अंत तक प्रशिक्षण पूरा करा दिया जाएगा।इस प्रशिक्षण में वीएलई को बीएसएसडीए पोर्टल का संचालन सिखाया जाएगा। इसके अलावा दाखिल-खारिज की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। 


अपर मुख्य सचिव ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि पहले भी इस विषय पर निर्देश भेजे गए थे, लेकिन कई अंचल कार्यालयों में अब तक वीएलई के बैठने की जगह तय नहीं की गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वरिष्ठ अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाए और अधिकतम एक सप्ताह के भीतर सभी अंचल कार्यालयों में उचित जगह चिन्हित कर ली जाए।


उन्होंने यह भी कहा कि वीएलई को ऐसी जगह बैठाया जाए जहां आने वाले नागरिक उन्हें आसानी से देख सकें और बिना किसी परेशानी के सेवा प्राप्त कर सकें। इससे ऑनलाइन सेवाओं के प्रति भरोसा बढ़ेगा और विभाग की पारदर्शिता एवं जवाबदेही भी मजबूत होगी।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का यह निर्णय डिजिटल बिहार के सपने को मजबूत करता है। हर अंचल कार्यालय में प्रशिक्षित वीएलई की उपलब्धता से भूमि संबंधी सेवाएं अब और अधिक सुगम, पारदर्शी और तेजी से मिल सकेंगी। ग्रामीण एवं दूरदराज़ के लोगों के लिए यह व्यवस्था बड़ी राहत साबित होगी और सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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