ब्रेकिंग
कलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली Bihar Bhumi: बिहार में टोपोलैंड का भी होगा सर्वेक्षण, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बुलाई अहम बैठक; जिलों से मांगी रिपोर्टबिहार के एक 'थानेदार' को 3 सजा की सजा...25 हजार का जुर्माना, 6 हजार रू घूस लेते निगरानी ब्यूरो ने किया था गिरफ्तार पटना में एक और 'फ्लाईओवर'...पटना सिटी तक का सफर होगा आसान, बदलेगा राजधानी का ट्रैफिक सिस्टमकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली Bihar Bhumi: बिहार में टोपोलैंड का भी होगा सर्वेक्षण, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बुलाई अहम बैठक; जिलों से मांगी रिपोर्टबिहार के एक 'थानेदार' को 3 सजा की सजा...25 हजार का जुर्माना, 6 हजार रू घूस लेते निगरानी ब्यूरो ने किया था गिरफ्तार पटना में एक और 'फ्लाईओवर'...पटना सिटी तक का सफर होगा आसान, बदलेगा राजधानी का ट्रैफिक सिस्टम

बिहार: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा नगर परिषद का नवनिर्मित भवन, उद्घाटन से पहले ही खुल गई पोल

MUNGER: मुंगेर में करोड़ों रुपए की लागत से बना नगर परिषद का नवनिर्मित भवन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। निमार्ण के एक वर्ष बाद ही नगर परिषद हवेली खड़गपुर का भवन कई जगहों से दरक गया ह

बिहार: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा नगर परिषद का नवनिर्मित भवन, उद्घाटन से पहले ही खुल गई पोल
Mukesh Srivastava
2 मिनट

MUNGER: मुंगेर में करोड़ों रुपए की लागत से बना नगर परिषद का नवनिर्मित भवन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। निमार्ण के एक वर्ष बाद ही नगर परिषद हवेली खड़गपुर का भवन कई जगहों से दरक गया है। करोडों की लागत से बना भवन उद्घाटन के पहले ही भष्टाचार की कहानी बयां कर रहा है। तत्कालीन डिप्टी सीएम तारकेश्वर प्रसाद और तत्कालीन मंत्री सम्राट चौधरी ने साल 2021 में इस भवन की आधारशिला रखी थी।


दरअसल, मुंगेर में नगर परिषद हवेली खड़गपुर का भवन निर्माण के एक वर्ष के बाद ही पूरी तरह से जर्जर हो गया है। कई जगह से भवन कि दीवारें दरक गई हैं। इस भवन में छोटे बड़े कुल मिलाकर 10 कमरे हैं, जिसे बुडको द्वारा 1 करोड़ 56 लाख 10 हजार 739 रुपए की लागत से वित्तीय वर्ष 2021- 22 में बनवाया गया लेकिन भवन की जर्जर हालत को देखने से यह स्पष्ट होता है कि ये भवन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।


24 जुलाई 2021 को नगर परिषद में प्रशासनिक भवन निर्माण कार्य की नीव तत्कालीन मंत्री सम्राट चौधरी और तारकेश्वर प्रसाद ने रखी थी। भवन निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद जुलाई 2023 में इस भवन को विभाग को सौंपना था लेकिन उद्घाटन के पूर्व ही यह भवन कई जगहों से दरक गया है। कमरों से लेकर मीटिंग हॉल तक लिंटर से लेकर दीवारों तक दरारें ही दरारें दिखाई पड़ रही है।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें