Bihar police news : बिहार में सड़क रफ्तार का कहर लगातार कम होने का नाम नहीं ले रहा है और इसी की एक बानगी हाल ही में बांका जिले के पंजवारा थाना क्षेत्र में देखने को मिली। यहां थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर (एसआई) पुरेंद्र सिंह की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। घटना गुरुवार की रात्रि की है, जब एसआई पुरेंद्र सिंह पैदल गश्ती के दौरान संकट मोचन चौक के पास सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान धोरैया की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई और घायल एसआई को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह हादसा थाना परिसर और इलाके में हड़कंप मचा गया।
मृतक एसआई की पहचान मुंगेर जिले के सुपौल जमुआ गांव निवासी पुरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, एसआई पुरेंद्र सिंह अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित और सजग पुलिसकर्मी थे। उनका जाना न केवल परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि उनके साथियों के लिए भी गहरा आघात है। मृतक के पीछे पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार के सदस्य झारखंड के देवघर में रहते हैं।
घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने का प्रयास कर रहा था, लेकिन गश्ती में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रक को रोक लिया। जांच में सामने आया कि ट्रक खलासी चला रहा था और हादसे का मुख्य कारण उसकी लापरवाही और तेज रफ्तार था।
घटना की सूचना मिलते ही बांका के पुलिस अधीक्षक (SP) उपेंद्र वर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। SP उपेंद्र वर्मा ने कहा कि दुर्घटना की सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पंजवारा थाना अध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि ट्रक और उसे चलाने वाले खलासी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे की पूरी घटना के संबंध में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा चुका है।
पुलिस महकमे में एसआई पुरेंद्र सिंह की मौत की खबर ने गहरा शोक पैदा कर दिया है। थाना परिसर में मातम छा गया और उनके साथ काम करने वाले पुलिसकर्मियों के चेहरे पर दुःख साफ दिखाई दे रहा है। अधिकारियों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और कहा कि राज्य पुलिस पूरी तरह से परिवार के सहयोग में खड़ी रहेगी।
स्थानीय लोग भी इस हादसे से गहरे आहत हैं। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे को झकझोर दिया है, बल्कि आम जनता में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के प्रति गंभीर चेतना भी पैदा की है। इलाके के लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रहे वाहन कई बार जान-माल का खतरा पैदा करते हैं और इसे रोकने के लिए कड़े उपाय जरूरी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा पर ध्यान न देना और वाहन चालकों का नियमों का पालन न करना ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण बनता है। एसआई पुरेंद्र सिंह जैसे समर्पित पुलिसकर्मी लगातार सड़क सुरक्षा के लिए काम कर रहे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश उनके अपने जीवन पर इसका खामियाजा पड़ा।
हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे द्वारा यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाने की संभावना जताई जा रही है। इस घटना ने सभी स्तरों पर संदेश दिया है कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही किसी की जान ले सकती है।
एसआई पुरेंद्र सिंह की मौत से उनके परिवार, थाना परिसर और पूरे इलाके में शोक की लहर है। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। पुलिस और प्रशासन इस बात का भरोसा दिला रहे हैं कि दोषियों को कानूनी तौर पर सख्त सजा दी जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।इस दर्दनाक घटना ने बिहार में सड़क सुरक्षा की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है और यह चेतावनी भी दी है कि तेज रफ्तार और लापरवाही किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकती है।






